दुर्भाग्यपूर्ण परिस्थितियों में जान गंवाने वाले आरक्षी बलवंत कुमार को उनके गांव में गार्ड आफ ऑनर दिया गया। उनके गांव परसडीह (रेहरवा) में बृहस्पतिवार को सुबह हर्रैया सीओ शेषमणि उपाध्याय, प्रभारी निरीक्षक गौर भाग्यवती पांडे, एसएचओ परशुरामपुर रामेश्वर यादव, एसओ पैकोलिया जनार्दन प्रसाद, थानाध्यक्ष छावनी नरायनलाल, हर्रैया राणा देवेंद्र प्रताप सिंह, वाल्टरगंज रामदेव आदि थाने की फोर्स पहुंची। सभी की मौजूदगी में राजकीय सम्मान के साथ गार्ड की सलामी दी गई। इसके बाद परिवार लोग अंतिम संस्कार के लिए शव को अंतिम संस्कार के लिए सरयूघाट अयोध्या ले गए।
इससे पहले बुधवार रात पोस्टमार्टम के बाद शव गांव में पहुंचने के बाद भारी पुलिस बल पहुंच गया था। जहां हर्रैया सीओ शेषमणि उपाध्याय से परिवार के लोगों ने बातचीत में राजकीय सम्मान के साथ शव का अंतिम संस्कार करवाने, परिवार के किसी एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिया जाने और टक्कर मारने वाले दरोगा के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किए जाने की मांग की थी।
बता दें कि गौर थाना के परासडीह (रेहरवा) गांव निवासी राम मिलन के पुत्र बलवंत कुमार का वर्ष 2020 में आरक्षी पद पर चयन हुआ था। उनकी पहली पोस्टिंग देवरिया पुलिस लाइंस में थी। रविवार को वह अवकाश पर घर आए हुए थे। देर शाम करीब सात बजे के आसपास गौर-बभनान मार्ग पर कृषक पीजी कॉलेज के बगल अपने निर्माणाधीन मकान को देखकर पैदल घर की तरफ आ रहे थे। तभी उधर से गुजर रहे गौर थाने पर तैनात दरोगा रामस्वरूप चौहान की बाइक की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए। दरोगा के भी सिर में गंभीर चोट आ गई।
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दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने आरक्षी बलवंत कुमार को केजीएमसी लखनऊ रेफर कर दिया था। जहां इलाज के दौरान सिपाही की बुधवार को मौत हो गई थी। बलवंत कुमार के पिता राम मिलन व चाचा दुखरन ने बताया कि वह दो भाइयों में सबसे छोटे थे। बेटे के निधन से परिवार में जहां मातम छाया हुआ है। एसएचओ ने बताया कि दरोगा को भी सिर में चोटें आई हैं। जिनका इलाज गोरखपुर में चल रहा है।