जांच में सामने आया कि बिना नंबर प्लेट की नीली कलर की बाइक पर बैठाकर उसे मोगलहा लाया गया। फिर गैंग के सदस्य केशरदेव निवासी कम्हरिया खुर्द थाना फरेंदा, जिला महराजगंज के हवाले कर दिया गया।
शाम 6 बजे केशरदेव गोरख को लेकर मेडिकल काॅलेज पहुंचा। वहां ब्लड बैंक का कर्मचारी पहले से ही तैयार बैठा था। उसने तत्काल खून निकाला। फिर खून को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीज पिपराइच थाना क्षेत्र के रुदलापुर निवासी मरीज मोहन के तीमारदार को 8 हजार रुपये बेच दिया गया। मरीज के घरवालों से 8 हजार रुपये लेकर गोरख को मोगलहा वापस ले आया। यहां उसने वसील को रकम दे दी।
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वसील गोरख को बाइक पर बैठाकर शाहपुर क्षेत्र के रेल विहार मोहल्ले की एक गली में ले गया। वहां उसने गोरख को 1100 रुपये दिए। और पैसे मांगने पर वसील ने गोरख के तीन-चार थप्पड़ मारकर भगा दिया।
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गोरख ने इसकी सूचना मेडिकल कॉलेज पुलिस चौकी को दी। गिरोह के सदस्य की पुलिस तलाश कर रही थी कि रविवार की शाम मेडिकल काॅलेज के ब्लड बैंक के पास से खून बेचने वाले गैंग के एक सदस्य केशरदेव को हिरासत में ले ली। वहीं, गिरोह का सरगना वसील मौके से फरार हो गया। मेडिकल चौकी प्रभारी विवेक मिश्र ने सदस्य के माध्यम से सरगना को भी देर शाम गिरफ्तार कर लिया।
बताया जाता है कि मेडिकल चौकी पुलिस को इस गैंग के बारे में एक सप्ताह से जानकारी थी और वह तलाश में जुटी थी। प्रभारी निरीक्षक गुलरिहा जेएन शुक्ला ने बताया कि केस दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।