वैट के सापेक्ष जीएसटी में कम मिल रहा था राजस्व
प्रदेश सरकार ने ईंट-भट्ठा कारोबारियों के लिए समाधान योजना लागू की थी। ऐसे में मात्र एक प्रतिशत टैक्स चुकाना पड़ता था। सरकार ने जब इसकी पड़ताल की तो यह बात सामने आई कि वैट की तुलना में जीएसटी में टैक्स का कलेक्शन कम हो रहा है। ऐसे में सरकार ने समाधान योजना को खत्म करने का निर्णय लिया।
इसके तहत प्रावधान किया गया है कि अब ईंट-भट्ठा कारोबारियों को छह या 12 प्रतिशत का टैक्स स्लैब चुनना होगा। ऐसे में एक प्रतिशत टैक्स चुकाने वाले को छह प्रतिशत और पांच प्रतिशत टैक्स चुकाने वाले को 12 प्रतिशत टैक्स चुनने का विकल्प दिया गया है। 12 प्रतिशत टैक्स स्लैब चुनने वाले कारोबारियों को इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ मिलेगा।
बोले ईंट-भट्ठा कारोबारी
ईंट कारोबारियों पर छह और 12 प्रतिशत टैक्स स्लैब निर्धारित होने से निश्चित तौर पर ईंट की कीमतों में बढ़ोतरी होगी। एक नंबर ईंट की कीमतों में प्रति हजार सात सौ से नौ सौ रुपये तक बढ़ोतरी हो सकती है। अगले माह से कीमतों में बढ़ोतरी संभव है।
- अर्जुन वालानी
ईंट भट्ठा कारोबारियों के सामने कई तरह की दिक्कतें हैं। एक तो वे कोयले की किल्लत से जूझ रहे हैं। अब जीएसटी की दरों में बढ़ोतरी कर दी गई है। ऐसे में ईंट की कीमतों में भी बढ़ोतरी करना ईंट भट्ठा कारोबारियों के सामने मजबूरी होगी।
- संजय सिंह