दुदही/गोडरिया। पडरौना विकास खंड के जंगल पचरुखिया गांव में चार वर्ष से ग्राम पंचायत सदस्य से लगातार कार्य लेने के बाद चुनाव कमेटी ने सोमवार को सदस्य मानने से इन्कार कर दिया और मतदान से वंचित कर दिया। इसके बाद एक पक्ष के लोगों ने हंगामा खड़ा कर दिया। हंगामा देखकर कमेटी ने चुनाव निरस्त कर दिया और अगली तिथि घोषणा होने पर चुनाव कराने की बात कही। हंगामा करने वाले लोगों का कहना है कि चार वर्षों से सचिव द्वारा निर्वाचित सदस्य से कार्यवाही रजिस्टर पर हस्ताक्षर कराया गया है। अब सदस्य मानने से इंकार कर रहे है।
मिली जानकारी के मुताबिक, पडरौना ब्लॉक के जंगल पचरुखिया गांव की प्रधान उर्मिला देवी की करीब एक माह पहले बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद गांव का विकास कार्य बाधित हो गया। ग्रामीणों एवं सदस्यों ने त्रिस्तरीय कमेटी गठित करने की मांग की। इसके बाद सोमवार को त्रिस्तरीय कमेटी की चुनाव के लिए तिथि की घोषणा किया गया। इसमें एसडीएम पडरौना, एडीओ पंचायत पडरौना, सचिव को नामित किया गया।सोमवार को नामित चुनाव कमेटी चुनाव कराने गांव की कराने आई। कुल सदस्यों की मतदाता सूची प्रकाशित किया गया। चुनाव प्रक्रिया शुरू किया गया तो सचिव की ओर से 12 सदस्यों की सूची दिया गया।और 13 नम्बर वार्ड की सदस्य गुलबेदनी देवी को सदस्य नहीं मानते हुए बाहर निकाल दिया गया। यह कह कर कि गुलबेदनी देवी का नाम नेट वाली निर्वाचन सूची में नहीं है।
इसके बाद 12 सदस्यों पर चुनाव शुरू करा दिया गया। दोनों पक्षों से 6-6 सदस्य शामिल हुए। संख्या दोनों तरफ बराबर हो गई। उधर गुलबेदनी देवी की मतदान के लिए लोगों ने हंगामा खड़ा कर दिया। लोगों का कहना है कि 4 वर्षों से कार्यवाही रजिस्टर पर गुलबेदनी देवी बतौर सदस्य हस्ताक्षर करती हैं। आज उसे प्रशासन सदस्य मानने से इन्कार कर रहा है। ऐसे में जब प्रशासन गुलबेदनी को सदस्य नहीं मान रहा है तो उसका हस्ताक्षर सचिव द्वारा फर्जी किया गया है। उन पर कार्रवाई की जाए और धन की रिकवरी कराई जाए। उसके बाद प्रशासन चुनाव निरस्त कर दिया गया।