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Kushinagar Airport: अब आसान होगी थाईलैंड व खाड़ी देशों की यात्रा, समय व पैसे की होगी बचत

Thu, 21 Oct 2021 01:35 PM IST
vivek shukla राजन राय, गोरखपुर।
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कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट - फोटो : अमर उजाला।
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कुशीनगर में अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट खुल जाने से पूर्वांचल के लोगों की थाईलैंड और खाड़ी देशों की यात्रा आसान होने की राह बन गई है। इन देशों के लिए फ्लाइट यहां से शुरू हुईं तो कम से कम पांच घंटे समय की बचत तो होगी ही, दस हजार रुपये तक सफर का खर्चा भी बचेगा।  दरअसल, काम के सिलसिले में बड़ी संख्या में गोरखपुर और बस्ती मंडल के लोग खाड़ी देशों और थाईलैंड आते-जाते हैं। अभी सबसे नजदीक की फ्लाइट वाराणसी या लखनऊ से मिलती है। वहां से भी सऊदी के लिए फ्लाइटें कम हैं, इसलिए लोगों को दिल्ली का रुख करना पड़ता है।  
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सऊदी अरब: रोजाना 200 से ज्यादा लोगों की आवाजाही
गोरखपुर और आसपास के जिलों के 200 से ज्यादा लोग रोजाना सऊदी अरब और भारत के बीच आवाजाही करते हैं। इसी तरह रोजाना बैंकाक आने और जाने वालों की भी संख्या भी करीब 150 है। गगहा, बड़हलगंज, बांसगांव, कौड़ीराम, सरदारनगर इलाके के बड़ी संख्या में लोग बैंकाक में हैं। खजनी, गोला, बड़हलगंज, बांसगांव, पिपराइच व भटहट आदि इलाके के लोग सऊदी अरब में ज्यादा हैं।

सामान के सुरक्षा की चिंता होगी दूर
फ्लाइट से दिल्ली, लखनऊ या कोलकाता पहुंचने फिर वहां से घर के लिए बस या ट्रेन से निकलने पर सबसे ज्यादा चिंता लगेज की होती है। लोग एक से दो साल बाद घर लौटते हैं तो महंगे सामान भी पास में होते हैं। घर के करीब एयरपोर्ट होने से यह चिंता दूर हो जाएगी।
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ऐसे होगी बचत

रामलगन तिवारी व दीनानाथ ओक्षा। - फोटो : अमर उजाला।
अगर कोई सऊदी अरब या बैंकाक से दिल्ली, लखनऊ या कोलकाता आता है और फ्लाइट रात में पहुंचती है, तो होटल में रुकना पड़ता है। दूसरे दिन टैक्सी या अन्य साधन से घर की यात्रा शुरू करते हैं। इसमें कम से कम दस हजार रुपये तक का खर्चा बढ़ जाता है। कुशीनगर से यदि टैक्सी करते हैं तो घर पहुंचने में अधिकतम डेढ़ से दो हजार रुपये लगेगा।

माल्हनपार (गोहलिया) के रामलगन तिवारी ने कहा कि पूर्वांचल के लोगों के लिए कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बहुत बड़ा तोहफा है। सऊदी से लखनऊ आने के लिए फ्लाइट में अक्सर सीट ही नहीं मिलती है। दिल्ली उतरना मजबूरी है। दिल्ली रुकने और फिर घर तक आने में आठ से दस हजार रुपये खर्च हो जाते हैं। अब तो घर से ही गाड़ी लेकर लोग आ जाएंगे और रिसीव कर लेंगे।  

शक्तिनगर कालोनी के दीनानाथ ओझा ने कहा कि बैंकाक में कपड़े का व्यवसाय है। जब भी घर आता हूं कोलकाता उतरता हूं। वहां से घर पहुंचने में बहुत दिक्कत होती है। कुशीनगर में अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट खुल जाने से बहुत खुशी हुई है। अब घर के नजदीक ही उतर जाएंगे। फ्लाइट आएगी तो एक घंटे में ही घर पहुंच जाऊंगा। 
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