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खोराबार टाउनशिप एवं मेडिसिटी योजना: मुआवजा भुगतान को लेकर अधिकारी कर रहे निराश, अब CM से आस

Sat, 01 Jul 2023 04:18 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर।

सार

जीडीए की योजना के जद में आए सैनिक नगर काॅलोनी और खोराबार के प्रभावित लोगों ने आगामी दो जुलाई को सीएम से मिलने की योजना बनाई, लेकिन लोग इस बात से सशंकित हैं कि कहीं किसी बहाने उनको सीएम से मिलने से न रोक दी जाए।
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गोरखपुर विकास प्राधिकरण - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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खोराबार टाउनशिप एवं मेडिसिटी योजना में जीडीए के भूमि अधिग्रहण से प्रभावित लोगों को शुक्रवार को बारिश होने से राहत रही। पानी बरसने की वजह से जीडीए ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं की। उधर, प्रभावित लोगों ने दिनभर आगे की रणनीति तय करते हुए अधिवक्ताओं से राय ली। साथ ही लोगों ने दो जुलाई को शहर में आ रहे सीएम से मिलने की तैयारी की।

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बरसों पुराने बसे घराें को उजड़ने से बचाने के लिए लोग अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगा चुके हैं। कहीं से राहत नहीं मिलता देख अब लोगों का कहना है कि वे सीएम से मिलकर मदद की मांग उठाएंगे।

जीडीए की ओर से खोराबार टाउनशिप एवं मेडिसिटी योजना में आवासीय भूखंडों और फ्लैटों के आवंटन के संबंध में आवेदन की प्रक्रिया खत्म हो चुकी है। जीडीए कर्मचारी आवेदनों की छंटनी कर रहे हैं। किसी तरह की गलती होने पर आवेदनों को निरस्त कर दिया जाएगा। इसके बाद आगे की आवंटन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके पहले जीडीए की ओर से निर्माण कार्य के लिए जगह खाली कराई जा रही है।
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जीडीए की ओर से बीते सोमवार से बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण हटाया जा रहा है। इस जद में सैनिक नगर कॉलोनी और खोराबार की रिहायशी इलाके के कई मकान आ रहे हैं। ऐसे में यहां के लोग मकान तोड़ने की आशंका से डरे सहमे हुए हैं। सांसद रवि किशन और विधायक विपिन सिंह से मिलकर मदद की की गुहार भी लगा चुके हैं। जीडीए अधिकारियों से मिलकर उचित निर्णय लेने को कहा, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला।

 

जीडीए की योजना के जद में आए सैनिक नगर काॅलोनी और खोराबार के प्रभावित लोगों ने आगामी दो जुलाई को सीएम से मिलने की योजना बनाई, लेकिन लोग इस बात से सशंकित हैं कि कहीं किसी बहाने उनको सीएम से मिलने से न रोक दी जाए। लोगों का कहना है कि सांसद रहते हुए महराज जी ने उनके मामले में मदद का आश्वासन दिया था। इसका वीडियो भी लोग सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं।

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उनको भरोसा है कि इस मसले पर सीएम जरूर कोई ऐसा रास्ता निकालेंगे, जिससे विकास के साथ लोगों के आवास भी बचे रहें। क्षेत्र के अर्जुन, देवदास, विनीत सिंह, वीरेंद्र, रामेश्वर, अभिषेक, दिनेश, महेश, आकाश सहित अन्य लोगों ने बताया कि सीएम से मिलने की तैयारी की जा रही है।
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रिंग रोडः जगदीशपुर-जंगल कौड़िया वाले भी सीएम से मिलेंगे

जगदीशपुर-जंगल कौड़िया रिंग रोड में निकल रही जमीनों का उचित मुआवजा मांग रहे किसान भी सीएम से मिलेंगे। कोनी सहित अन्य गांवों के किसान सीएम के जनता दरबार में जाने की तैयारी कर रहे हैं। लोगों को भरोसा है कि प्रदेश के मुखिया इस मसले का हल निकालने का निर्देश जिला प्रशासन के अधिकारियों को जरूर देंगे।

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जगदीशपुर-जंगल कौड़िया रिंग रोड के लिए 26 गांवों की भूमि अधिग्रहित की गई है, लेकिन इसके मुआवजे को लेकर एनएचएआई, एसएलओ और राजस्व विभाग की किसानों संग सहमति नहीं बन पा रही है। बीते सोमवार को एनएचएआई, एसएलओ और राजस्व कर्मचारी जमीनों की सफाई के लिए कोनी गांव पहुंचे तो लोगों ने विरोध जताते हुए उनको लौटा दिया। इसके बाद एनएचआई के ठेकेदार अनूप सिंह की ओर से कोनी, सिहोंरिया, मठिया, नैयापार सहित अन्य गांवों में लाउडस्पीकर से प्रचार किया गया।

लोगों को बताया कि अपनी जमीनों से संबंधित कागजात एसएलओ में जमा करा दें, जिससे मुआवजा की प्रक्रिया पूरी की जा सके। लेकिन किसान रजामंद नहीं हुए। किसान नरसिंह सिंह, अमरनाथ गुप्ता, रामनाथ सिंह, राम प्रताप चौरासिया, रामनाथ गौड़, जयहिंद मौर्य का कहना है कि अधिकारी उनकी मदद नहीं कर रहे हैं। इसलिए सीएम से मिलने की तैयारी की जा रही है, ताकि हम लोगों को न्याय मिल सके।

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