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गोरखपुर क्राइम: माफिया अजीत शाही के करीबी रामगोपाल समेत छह पर रुपये हड़पने का एक और केस

Sat, 01 Jul 2023 03:32 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो चौरीचौरा (गोरखपुर)।

सार

आरोप है कि 25 सितंबर 2021 को मोतीराम अड्डा से वह झंगहा जा रहे थे कि रात में 10 बजे रामगोपाल अपने साथियों ओमकार यादव, हरिओम यादव, विशंभर यादव, दीपक निषाद उर्फ अश्वनी एवं शिवसागर यादव के साथ दो गाड़ियों से आया। उन्हें जबरदस्ती अपनी गाड़ी में बैठा लिया। रामगोपाल ने अपशब्दों का प्रयोग करते हुए कहा कि रुपये के लिए अगर उसके दरवाजे पर आए तो जान से हाथ धोना पड़ेगा।
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FIR - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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गोरखपुर जिले में चौरीचौरा के डुमरी खास निवासी रामगोपाल यादव और उसके साथियों पर जमीन कब्जा करने का एक और मुकदमा शुक्रवार को पुलिस ने दर्ज कर लिया। मोतीराम अड्डा के पांडेय टोला निवासी समसुद्दीन अली की तहरीर पर पुलिस ने रामगोपाल यादव, ओमकार यादव, हरिओम यादव, विशंभर यादव, दीपक निषाद व शिवसागर यादव पर मारपीट और रुपये हड़पने का केस दर्ज किया है। आरोप है कि रामगोपाल का माफिया अजीत शाही से करीबी संबंध है। उसके नाम पर ही रामगोपाल, जमीन के नाम पर जालसाजी करता है।

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शमसुद्दीन अली का कहना है कि एक आवासीय भूखंड के लिए वह भूमि की तलाश कर रहे थे। इस बीच उनकी मुलाकात डुमरी खास निवासी रामगोपाल यादव से हुई। रामगोपाल ने गुरौली खुर्द तप्पा-रेट, परगना भैवापार, तहसील सदर में एक रजिस्टर्ड भूमि अनुबंध होने की बात कही और कागजात दिखाए। उसमें रकबा 0.5640 हेक्टेयर दर्ज था। जमीन को बैनामा कराने के बाद बेचने की बात कही।

रामगोपाल ने बताया कि इस समय पैसे की जरूरत है, जिनकी जमीन है उन्हें भुगतान करना है। यह जमीन 60 हजार प्रति डिसमिल की दर से बेच रहा हूं। आरोप लगाने वाले शमसुद्दीन का कहना है कि 40 डिसमिल जमीन का सौदा 24 लाख रुपया में तय हुआ। इसके बाद 27 जून 2019 को दो चेक से नौ व छह लाख रुपये रामगोपाल यादव के एसबीआई बैंक के खाते में ट्रांसफर कर दिया। शेष नौ लाख बैनामा के समय देने की बात हुई थी। अगस्त 2019 से ही रामगोपाल के पास जमीन के बैनामा के लिए दौड़ने लगा, लेकिन बैनामा नहीं किया। थक हारकर 15 लाख रुपये वापस करने को कहा। लेकिन, रामगोपाल दौड़ाता रहा और रुपये नहीं दिए।
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आरोप है कि 25 सितंबर 2021 को मोतीराम अड्डा से वह झंगहा जा रहे थे कि रात में 10 बजे रामगोपाल अपने साथियों ओमकार यादव, हरिओम यादव, विशंभर यादव, दीपक निषाद उर्फ अश्वनी एवं शिवसागर यादव के साथ दो गाड़ियों से आया। उन्हें जबरदस्ती अपनी गाड़ी में बैठा लिया। रामगोपाल ने अपशब्दों का प्रयोग करते हुए कहा कि रुपये के लिए अगर उसके दरवाजे पर आए तो जान से हाथ धोना पड़ेगा। तहरीर के आधार पर पुलिस केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।

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