इस दौरान जीडीए उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर, सचिव उदय प्रताप सिंह सहित अन्य अधिकारियों के सामने बातचीत हुई। उपाध्यक्ष ने लोगों को बताया कि पहले हम टीन शेड वाले खाली प्लॉट की चहारदीवारी को तोड़ेंगे। इसमें आप लोग बाधा नहीं उत्पन्न करेंगे। दूर-दूर बने मकानों को उचित मुआवजा देकर हम उन्हें भी हटाएंगे। ऐसे लोग चाहेंगे तो जीडीए की योजना में फ्लैट ले लेगें। उन्हें निम्न श्रेणी का फ्लैट दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि तीसरे राउंड में घनी आबादी वाले क्षेत्र का सर्वे करके उसे टाउनशिप एरिया में शामिल कर दिया जाएगा। लोगों ने कहा कि उनके मकानों का मालिकाना हक उनको दे दिया जाए। इस पर जीडीए उपाध्यक्ष ने कहा कि यह लंबी प्रक्रिया है।
जीडीए अधिकारियों से मिलकर लौटे लोगों ने बताया कि अधिकारी मोहल्लों में आकर मामलों का निस्तारण करने को तैयार नहीं है। अधिकारियों ने कहा है कि जो लोग भी कार्रवाई में बाधा बनेंगे। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। लोगों ने मांग उठाई कि सीएम के निर्देशानुसार ही अधिकारी कार्रवाई करें। लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अधिकारियों से बातचीत के बाद लोग संतुष्ट नहीं नजर आए। उनका कहना है कि दो दिन चैन से सोए थे, मगर आज बात करके नींद तो फिर उड़ गई। जब तक यह मामला निपट नहीं जाता पूरा परिवार चैन से नहीं रह सकेगा।
जीडीए उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में खोराबार योजना के लोगों को बुलाकर बातचीत की जा रही है। मुलाकात सकारात्मक रही। आगे भी बातचीत जारी रहेगी। जनहित और विकास हित में निर्णय लिए जा रहे हैं। जल्द ही समाधान होगा।