- जमीनों का भू प्रयोग बदलने की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। इससे नई कॉलोनी बनाने, उद्योग लगाने सहित अन्य विकास कार्यों में मदद मिलेगी।
- शहर की 153 अवैध कालोनियां नियमित हो जाएंगी। उनके भवनों का नक्शा बन सकेगा।
- वन क्षेत्र के पांच से 10 मीटर के दायरे में निर्माण कार्य हो सकेंगे।
- ट्रांसपोर्टनगर, बस स्टेशन, कूड़ा निस्तारण स्थल को शहर से हटाकर बाहर कर दिया जाएगा।
- शहर के मुख्य मार्गों के किनारे बाजार की व्यवस्था होगी।
जीडीए सचिव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि उम्मीद जताई जा रही है कि महायोजना 2031 (प्रारूप) को स्वीकृति मिल जाएगी। इससे विकास कार्यों को गति मिलेगी।
जीडीए की महायोजना-2031 के प्रारूप पर विचार के लिए लखनऊ में शासकीय समिति की बैठक बुधवार की दोपहर में होगी। बैठक में महायोजना को मंजूरी मिलने की संभावना जताई जा रही है। इसमें जीडीए उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर और नगर नियोजक भी शामिल होंगे।
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जीडीए अधिकारियों का कहना है कि शासकीय समिति से स्वीकृति मिलने के बाद महायोजना-2031 की अधिसूचना जारी की जाएगी। इसके बाद महायोजना को प्रभावी मान लिया जाएगा। इसके बाद शहर में करीब 2500 एकड़ क्षेत्रफल में नक्शा पास कराने में आ रही अड़चन दूर हो जाएगी। नए क्षेत्रों के जमीन का भू उपयोग तय हो जाएगा। इससे लोगों को राहत मिलेगी।