अपराध सिद्ध होने पर विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण तनु भटनागर ने प्रयागराज जिले के जार्जटाउन थाना क्षेत्र के अल्लापुर निवासी रामकिशोर गुप्ता, आजमगढ़ जिले के दीदारगंज थाना क्षेत्र के बस्ती कपूरी निवासी संतोष कुमार सिंह, तरवां थाना क्षेत्र के रेडा निवासी अशोक कुमार सिंह व जियापुर निवासी कृष्ण कुमार सिंह को पांच साल के कठोर कारावास व 41 हजार रुपया अर्थदंड से दंडित किया है।
अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक प्रमेश राम त्रिपाठी का कहना था कि विधान परिषद सदस्य बलवीर सिंह बथुआ एवं महामंत्री उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा संघ पंचानन राय द्वारा प्राप्त शिकायती पत्र की जांच की गई। जांच में पाया गया कि पंचायत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रेड़ा आजमगढ़ के प्रधानाचार्य गणेश सिंह द्वारा संतोष कुमार सिंह, अशोक कुमार सिंह व कृष्ण कुमार सिंह के परिचारक पद पर फर्जी वित्तीय सहमति के आधार पर नियुक्ति की गई।
उनके माह जून 1993 का वेतन बिल बनाकर जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय आजमगढ़ के लेखाधिकारी रामकिशोर गुप्ता को प्रस्तुत किया गया। जिसे रामकिशोर द्वारा भुगतान हेतु पारित किया गया। इस प्रकार प्रधानाचार्य व लेखाधिकारी द्वारा परिचारकों के साथ साठगांठ कर माह जून 1993 के वेतन का भुगतान किया गया।
गैर इरादतन हत्या का जुर्म सिद्ध पाए जाने पर जनपद न्यायाधीश तेज प्रताप तिवारी ने सहजनवां (गीडा) थाना क्षेत्र के ग्राम मल्हीपुर निवासी अभियुक्त सुभाष और कौशल्या को दस साल के कठोर कारावास व प्रत्येक को दस हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड न देने पर अभियुक्तों को दो माह का कारावास अलग से भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता यशपाल सिंह एवं सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता जयनाथ यादव का कहना था कि वादी जीवधन सहजनवां थाना क्षेत्र के ग्राम मल्हीपुर बन्हवा का निवासी है। 15 जनवरी 2008 को वादी के चाचा झीनक वादी की जमीन में हैंड पंप गड़वा रहे थे।
वादी के पिता रामकिशुन ने झीनक को हैंड पंप गड़वाने से रोक दिया। इसी बात को लेकर शाम करीब पांच बजे झीनक, सुभाष और कौशल्या लोहे की पाइप, लाठी व ईंट-पत्थर से मारने-पीटने लगे। जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं और इलाज के दौरान 16 जनवरी 2008 को वादी के पिता रामकिशुन की मृत्यु हो गई।