डीएम के पास सीईओ गीडा का भी कार्यभार था। उन्होंने ही गीडा में बिजली संबंधी काम देखने के लिए बिजली निगम के अधिशासी अभियंता को कार्यभार दिया था। दो महीने पहले गीडा में अधिशासी अभियंता इलेक्ट्रिक पद पर तैनाती हो गई है। इसके बाद सोमदत्त शर्मा के अतिरिक्त कार्यभार को खत्म कर दिया गया। -पवन अग्रवाल, सीईओ, गीडा।
बिजली निगम के किसी अभियंता को अतिरिक्त कार्यभार दिए जाने पर कारपोरेशन की अनुमति जरूरी है। तैनाती कैसे, किसने और क्यों की, इस दौरान क्या कार्य किया गया, इसकी जांच कर शीर्ष प्रबंधन को अवगत कराया जएगा। कारपोरेशन के पास इस संबंध में किसी प्रकार की कोई जानकारी नहीं है। जिम्मेदारों को अपने स्तर से कम से कम लिखित जानकारी कारपोरेशन या शीर्ष अभियंताओं को देना चाहिए था। -एके सिंह, मुख्य अभियंता।
हमारे पहले के अभियंता भी इस पद पर थे। ये क्रम 2010 से चले आ रहा है। हमसे जवाब मांगा गया था, तो हमने दे दिया। -सोमदत्त शर्मा, अधिशासी अभियंता।
2010 से अभी तक ये रहे गीडा बिजलीघर में तैनात
दिनेश कुमार सिंह, धीरज सिन्हा, इंदराज यादव, बीएल आनंद और सोमदत्त शर्मा। इनमें से इंदराज यादव वर्तमान समय में ही शहरी मीटर परीक्षण खंड में अधिशासी अभियंता के पद पर तैनात हैं। बीएल आनंद देवरिया में अधिशासी अभियंता के पद पर थे, लेकिन एक मामले में मुख्य अभियंता ने उन्हें चार्जशीट दे दिया था।
2010 से अभी तक ये रहे मुख्य अभियंता
डॉ. एके श्रीवास्तव, पीके शर्मा, एके श्रीवास्तव, वीके श्रीवास्तव, एसपी पांडेय, डीके सिंह, एके सिंह, एनके श्रीवास्तव, एमके अग्रवाल, देवेंद्र सिंह, राजेंद्र प्रसाद और वर्तमान में एके सिंह मुख्य अभियंता हैं।