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विकास दुबे से कम नहीं हैं गोरखपुर के ये हिस्ट्रीशीटर बाप-बेटे, पुलिस पर हमला करने के बाद भी हैं 'आजाद'

Sat, 04 Jul 2020 07:08 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

  • हिस्ट्रीशीटर नंगा निषाद व उसके बेटों ने पुलिस पर दो बार किया था हमला
  • हिस्ट्रीशीटर की पिटाई से खोराबार इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह आठ महीने कोमा में थे, एक वर्ष बिस्तर पर पड़े रहे
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बाएं हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे और दाएं नंगा निषाद का बेटा दयाशंकर। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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कानपुर के चौबेपुर में हुई मुठभेड़ के बाद बदमाश विकास दुबे की चर्चा पूरे देश में हो रही है। देश में यह ऐसी पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई जगहों पर बदमाशों ने पुलिस को घेरा है। वहीं गोरखपुर में भी हिस्ट्रीशीटर के घर दबिश देने के दौरान पुलिस पर कई बार हमले हो चुके हैं। खोराबार थाने के हिस्ट्रीशीटर नंगा निषाद व उसके बेटों ने इंस्पेक्टर सहित पुलिसकर्मियों पर दो बार हमलाकर मारापीटा और बंदूकें भी लूट ली थीं।। ये दोनों बाप-बेट किसी भी मामले में विकास दुबे से कम नहीं हैं।

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इसी 19 जून 20 को ही नंगा निषाद के हिस्ट्रीशीटर बेटों दयाशंकर निषाद व दिलीप निषाद ने सहारा इस्टेट में रहने वाले एक बड़े कारोबारी से गालीगलौज की और जान से मारने की धमकी दी। साथ ही कारोबारी के सिक्टौर स्थित 16 डिसमिल भूमि पर बनी बाउंड्रीवाल गिरा दी। यह मामला पुलिस के आला अफसरों तक पहुंचा। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।

अब सहारा इस्टेट में रहने वाले कारोबारी डरे हैं। उनका कहना है कि हिस्ट्रीशीटर बड़ा नुकसान पहुंचा सकते हैं। कानपुर में हुई घटना के बाद शुक्रवार को कुछ व्यापारियों ने अमर उजाला संवाददाता से मिलकर अपनी तकलीफ दोबारा साझा की। कहा कि उन्हें भय है कि पुलिस की ढिलाई, उनकी जान पर न भारी पड़े।
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दबिश देने गई पुलिस पर अचानक किया था हमला

पुलिस पर हमले की सबसे बड़ी वारदात खोराबार इलाके में हुई थी। जब हिस्ट्रीशीटर नंगा निषाद व उसके बेटों ने दबिश देने गई पुलिस पर अचानक हमला बोल दिया था। हमला इतना जोरदार था कि घायल तत्कालीन इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार सिंह आठ महीने तक कोमा में रहे। इस घटना में नौ अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे।

दरअसल, खोराबार के मदरहवा निवासी नंगा निषाद, उसका बेटा दयाशंकर व दीपचंद थाने के हिस्ट्रीशीटर हैं। एक आरोप में नंगा के बेटे दयाशंकर पर केस दर्ज होने पर उसे पुलिस विभाग में सिपाही के पद से बर्खास्त कर दिया गया था।

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12 मार्च 2010 की रात को खोराबार के तत्कालीन इंसपेक्टर प्रदीप सिंह हमराहियों के साथ उसके घर दबिश देने गए थे। इस दौरान नंगा व उसके बेटों ने पुलिसवालों को बंधक बना लिया और जमकर पिटाई की। हालत यह हुई की इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार सिंह आठ महीने तक कोमा और अस्पताल से घर आने के बाद करीब एक वर्ष तक बिस्तर पर ही रहे। इसके बाद नंगा व उसके बेटों पर केस दर्ज हुआ था। गिरफ्तारी के बाद कुर्की भी हुई।
 

सिपाहियों को पीटा था, पिस्टल भी लूटी

झंगहा के रामप्रीत का अपहरण और पिटाई कर उसकी रायफल लूटने के मामले में छह मई 2012 को दबिश देने गए चार सिपाहियों पर भी नंगा निषाद व उसके परिजनों ने हमला बोला था। तब सिपाही राम इकबाल सिंह को मारपीट कर घायल कर दिया था। साथ ही उनकी सरकारी पिस्टल, बाइक की चाबी व मोबाइल लूट लिया था।


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एक अन्य सिपाही रामअवध को बंधक बना लिया था। नंगा व उसके परिवार वालों ने अगस्त 2015 में जमीन कब्जा करने के लिए रामपुर निवासी दो भाइयों सिकंदर व शत्रुघ्न का अपहरण कर उन्हें पीटा और मरणासन्न हालत में बोलरो से खोराबार थाने के गेट के सामने फेंक कर फरार हो गए थे। नंगा व उसके बेटों के खिलाफ करीब दस से अधिक केस दर्ज हैं।

चौरीचौरा में भी हुआ था पुलिस पर हमला
अक्तूबर 2019 में चौरीचौरा पुलिस रौतेनिया निवासी मिथुन पासवान के घर दबिश देने गई थी। मिथुन व उसके साथियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग की थी। इसमें चार पुलिसकर्मी घायल हुए थे। एक पुलिसकर्मी वंश बहादुर को गोली लगी थी। बाद में पुलिस ने मिथुन व उसके साथियों पर शिकंजा कसा और उसे मुठभेड़ में गिरफ्तार किया, इस दौरान उसके पैर में गोली लगी थी।
 
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यहां भी हुए हमले

  • जुलाई 2019 में चिलुआताल पुलिस पर पशु तस्करों ने हमला किया था। एक दरोगा समेत तीन पुलिसकर्मी घायल हुए थे।
  • मार्च 2019 में पीपीगंज के फुलवरिया में दहेज हत्या के आरोपितों को पकड़ने गई टीम पर हमला हुआ था। आरोपित मान सिंह ने तत्कालीन थानेदार बीबी राजभर व उनके हमराहियों की पिटाई की थी।
  • कैंपियरगंज के एक गांव में वर्ष 2019 में हिस्ट्रीशीटर ने पुलिस पर हमला किया था।
  • नवंबर 2019  को हिस्ट्रीशीटर राजू यादव ने बुलआ चौकी में घुसकर पुलिसवालों पर हमला किया था। इंचार्ज अनीस सिंह की वर्दी फाड़ दी गई थी। राजू पर 16 केस दर्ज हैं।
  • 15 जुलाई 2018 को खोराबार के रामलखना जंगल में वन तस्कर शिवशरण व उसके साथियों ने पुलिस व वन विभाग की टीम पर फायरिंग की थी। डिप्टी रेंजर डीएन पांडेय को गोली लगी थी।

गोरखपुर रेंज के डीआईजी राजेश डी मोदक ने कहा कि सभी हिस्ट्रीशीटर के खिलाफ कार्रवाई होगी। नंगा निषाद के प्रकरण में एसएसपी को बताया गया है। पुलिस पर हमला करने वाला कोई भी बदमाश बख्शा नहीं जाएगा।
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