दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय कामधेनु आयोग की ओर से विश्वविद्यालय परिसर में कामधेनु चेयर एवं स्टडी सेंटर की स्थापना होगी। 12 से 14 फरवरी के बीच होने वाले दीनदयाल शोधपीठ की अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में इसकी औपचारिक घोषणा की जाएगी। संगोष्ठी के उद्घाटन समारोह में कामधेनु आयोग के अध्यक्ष वल्लभ भाई कठेरिया मौजूद रहेंगे। इसमें एक पूरा सत्र कामधेनु पीठ और सतत ग्रामीण विकास अध्ययन केंद्र पर आधारित होगा।
कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने बताया कि इस चेयर और अध्ययन केंद्र के अंतर्गत 12 से अधिक विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों के साथ गंगा बेल्ट में मौजूद गौशालाओं को भी जोड़ा जाएगा। गाय और गोधन के बारे में जागरूकता और प्रशिक्षण के लिए शैक्षणिक माड्यूल भी तैयार किया जाएगा। इसका मकसद गौ, गौ-उत्पादों और इससे जुड़े शोधों को बढ़ावा देना और साथ-साथ रोजगार का सृजन करना है।
कुलपति ने बताया कि कामधेनु पीठ पर आधारित सेक्टर का उप विषय भी तय हो गया है। विद्वानों द्वारा भारतीय धर्म और पौराणिक कथाओं में गाय, गाय और सतत ग्रामीण आजीविका, गौशाला, गाय आश्रय तथा उनका प्रबंधन, गाय और पर्यावरण पर इसका प्रभाव, गौ नस्लें, गौ प्रजनन एवं आर्थिक पहलू विषय पर मंथन होगा।