कलेक्ट्रेट में स्थापित सफर स्टेशन में अत्याधुनिक उपकरण लगे हैं। इसकी स्थापना में लगे बजट के अलावा हर साल इसके संचालन पर करीब 25 लाख रुपये का खर्च आता है। इसमें उपकरण के मेंटेनेंस एवं इंजीनियर का वेतन आदि शामिल है। भवन का किराया एवं बिजली का बिल इस खर्च में शामिल नहीं है।
आईआईटीएम पुणे द्वारा इसके संचालन के संबंध में हाथ खड़े करने के बाद आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पत्र लिखकर इस स्टेशन का संचालन खुद करने की अपील की है। दरअसल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को इसी तरह का एक उपकरण लगाना भी है। ऐसे में यदि बोर्ड इस स्टेशन का संचालन करता है तो उसे नया उपकरण नहीं लगाना पड़ेगा।
डीएम विजय किरन आनंद ने कहा कि सफर स्टेशन महत्वपूर्ण है। इसके संचालन की वर्तमान स्थिति के बारे में मुझे अभी कोई जानकारी नहीं मिली थी। इसके बारे में जानकारी ली जाएगी और इस स्टेशन का संचालन आगे भी जारी रखने के लिए प्रयास किया जाएगा।