घूसखोरी का वीडियो वायरल
अविरल सिंह नामक व्यक्ति ने घूसखोरी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी, डीएम गोरखपुर, यूपी पुलिस और गोरखपुर पुलिस को वीडियो टैग करते हुए अविरल ने लिखा कि गैंगस्टर के मामलों में घूस लिया जा रहा है। गोरखपुर में प्रभारी संयुक्त निदेशक अशोक वर्मा तथा ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी रणविजय ने अपराधियों को बचाने के लिए घूस लिया।
'साहब को सलाम करते रहिए, सब हो जाएगा'
वायरल वीडियो में संयुक्त निदेशक अभियोजन के साथ एक वर्दीधारी भी दिख रहा है। वह कह रहा है कि गैंगस्टर लगाने के नियम बहुत बदल गए। साहब को सलाम करते रहिए, सब हो जाएगा। इससे पहले एक व्यक्ति गैंगस्टर के मामले को आगे बढ़ाने की बात करता है। वह कहता है कि फाइल पर आपत्ति लगा दी। पहले भी एक फाइल पर आपत्ति लगी थी, लेकिन उसे दूर कराया था। इसके बाद व्यक्ति रुपये संयुक्त निदेशक अभियोजन को पकड़ाता है। संयुक्त निदेशक रुपये लेते हैं, फिर पूछते हैं कि विवेचक कौन है? फाइल मेरे टेबल तक पहुंचवा दीजिए, सब हो जाएगा।
जिला बदर है कपिलमुनि, चुनाव से पहले हुई थी गैंगस्टर की सिफारिश
रामगढ़ताल पुलिस ने कपिलमुनि यादव को जिला बदर कर दिया है। साथ ही उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले ही थाना पुलिस पे ने गैंगस्टर की कार्रवाई की सिफारिश की थी, लेकिन आपत्ति लगाकर फाइल वापस कर दी गई। बार-बार आपत्ति लगने पर पुलिस ने भी हैरानी जताई, लेकिन इसके पीछे का मकसद अब खुलकर सामने आ सका।
वायरल वीडियो की जांच एडीएम सिटी से कराई गई। एडीएम सिटी ने जांच करके रविवार देर शाम रिपोर्ट उपलब्ध करा दी। जांच रिपोर्ट के मुताबिक, प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए हैं। वीडियो कब का है, यह जांच का विषय है। वीडियो में संयुक्त निदेशक अशोक वर्मा व अभियोजन अधिकारी रणविजय धनराशि लेते दिख रहे हैं। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए गृह विभाग उत्तर प्रदेश शासन को पत्र भेजा गया है। गृह विभाग से ही कार्रवाई होनी है। - कृष्णा करुणेश, डीएम गोरखपुर