इंडस्ट्री की मांग के मुताबिक आईटीआई प्रशिक्षुओं को तैयार किया जाएगा। इसके अनुसार औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) की भूमिका बढ़ाई जाएगी। अब युवाओं को विशेष प्रशिक्षण दिलाने के लिए एमएसएमई से जुड़ी इकाइयों में कम से कम 15 दिनों की ट्रेनिंग भी दिलाई जाएगी। इस संबंध में राज्य कौशल विकास मिशन के निदेशक का आदेश गोरखपुर के राजकीय आईटीआई में पहुंच गया है।
आदेश के मुताबिक ट्रेनिंग के बिना कोर्स अधूरा माना जाएगा। इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। इंडस्ट्री में 15 दिनों की ट्रेनिंग की व्यवस्था की जिम्मेदारी संबंधित आईटीआई को करनी होगी। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था इसलिए की गई है कि जिससे उद्योगों में ट्रेनिंग करने के बाद छात्र इंडस्ट्री में होने वाले कार्यों को करीब से देख सकेंगे और इंडस्ट्री के हिसाब से उनका कौशल विकास हो सकेगा।
उन्होंने बताया कि युवाओं में कौशल की दक्षता बढ़ाने के लिए प्रदेश भर की आईटीआई में पढ़ने वाले छात्रों को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम विभाग (एमएसएमई) से जुड़ी औद्योगिक इकाइयों में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान 15 दिनों की अनिवार्य ट्रेनिंग कराएगा। आईटीआई अपने स्तर पर तो छात्रों को ट्रेनिंग देता ही है, लेकिन अब उनको इंडस्ट्री से जोड़ने का काम भी किया जाएगा।