सूत्रों के मुताबिक बक्शीपुर मीटर परीक्षण खंड के खास क्षेत्र और सूरजकुंड उपकेंद्र में सेटिंग का खेल जमकर चल रहा है। उपभोक्ता के परिसर पर लगे मीटर में अगर नो डिस्प्ले है तो उपभोक्ताओं से सुविधा शुल्क का खेल शुरू हो जाता है। उसे पहले मीटर परीक्षण खंड में नंबर चढ़ाने के लिए दौड़ाया जाता है। इधर बिजली बिल सर्वर से बनता रहता है। नंबर चढ़ने के बाद किस तय समय सीमा से मीटर रीडिंग जोड़कर बिल बनाना है, इसमें सुविधा शुल्क काम कर जाता है।
वहीं नियम-कानून के चक्कर में फंसे तो उपभोक्ता से प्रति किलोवाट 155 यूनिट की खपत को जोड़कर बिजली बिल बनाने की बात कही जाती है। जैसे दो किलोवाट का कनेक्शन है तो 310 यूनिट की खपत से बिजली बिल बनता है और इसके बाद बिजली दर 7 रुपये प्रति यूनिट जोड़ दिया जाता है।
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इसके बाद फिक्स चार्ज और इलेक्टि्रक ड्यूटी पांच प्रतिशत जोड़ दिया जाता है। अगर सुविधा शुल्क से सहमति बन जाती है तो फिर जिस तारीख से नया मीटर लगता है, उसकी खपत के हिसाब से पिछले दिनों की रीडिंग की गणना कर बिजली बिल बना दिया जाता है।
अधीक्षण अभियंता लोकेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि मीटर परीक्षण खंड में उपभोक्ताओं के कनेक्शन पर मीटर नंबर नहीं चढ़ाए जाने की शिकायतें संज्ञान में आई थीं। उपभोक्ता को अपने कनेक्शन के समय इस सभी बातों का खास ध्यान रखना चाहिए कि कनेक्शन पेपर, मीटर पेपर दोनों मिला है या नहीं। इसके अलावा पहले बिजली बिल में मीटर संख्या दर्ज है या नहीं। अगर ऐसा न हो तो पहले संबंधित अधिकारी से संपर्क कर उसे चढ़वाएं। फिर भी नहीं होता है तो शीर्ष अधिकारियों को सूचित करें। गोपनीय जांच भी की जा रही है।
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केस 1
सूरजकुंड में उपभोक्ता मंतोष समय से बिजली बिल का भुगतान करते हैं। एसडीओ कार्यालय से सूचना मिली कि बिजली बिल नहीं जमा है। उन्होंने पता किया तो पाया कि कनेक्शन संख्या पर परिसर में लगे मीटर का नंबर नहीं दर्ज है। सेटिंग के बाद सुविधा शुल्क पर बात तय हुई। इसी बीच मंतोष ने शिकायत एंटी थेफ्ट थाने शिकायत कर दी और 25 हजार रुपये घूस देते कर्मचारी गिरफ्तार हो गया।
केस 2
बक्शीपुर के मोहित भी अपने बिजली बिल को लेकर परेशान हैं। इनका बिजली बिल भी मनमाने तरीके से आ रहा है। जमा करने के बाद भी इन्हें पता लगा कि इनका बिजली बिल गलत था। मीटर नंबर कनेक्शन पर नहीं चढ़ा है। मीटर चढ़ाने के बाद बिल बनाने पर करीब ढाई लाख रुपये बिजली बिल बनता। बिचौलिए ने बताया कि 60 हजार रुपये खर्च करने पर बिल सही हो जाएगा।