बिजली निगम के मीटर परीक्षण खंड में लगातार लापरवाही का मामला सामने आ रहा है। इस बार बड़े कनेक्शनों के बिजली बिल की गड़बड़ी सामने आई है। 165 एमआरआई कनेक्शन वाले घरों में 1,052 केवी का लोड अधिक पाया गया है। वहीं, हैवी कनेक्शनों में भी लाखों यूनिट रीडिंग की हेरा-फेरी मिली है।
आरोप है कि इन सभी उपभोक्ताओं के बिल में रीडिंग स्टोर का बिल गलत तरीके से चार्ज किया जा रहा है। चेयरमैन के निर्देश पर नवंबर से ही 5 से 9 केवी तक के लोड वाले कनेक्शनों पर एमआरआई बिलिंग शुरु हुई है।
निगम के चेयरमैन के पास लगातार यह शिकायत मिल रही थी कि कई उपभोक्ता स्वीकृत लोड से अधिक के बिजली का प्रयोग कर रहे हैं। इसका संज्ञान लेकर चेयरमैन आशीष गोयल ने अक्तूबर में प्रदेश के सभी जोन के अभियंताओं को निर्देश दिए कि 5 से 9 किलोवाट लोड वाले कनेक्शनों की एमआरआई बिलिंग कराए।
इसके लिए कारपोरेशन स्तर से टेंडर के माध्यम से कंपनी का निर्धारण हुआ। कंपनी के कर्मचारियों ने नंवबर माह से शहरी के चारों खंडों के करीब 9635 कनेक्शनों पर एमआरआई बिलिंग शुरु की। 165 घरों में स्वीकृत से 1052 केवी का लोड अधिक पाया गया। बड़े उपभोक्ताओं की एमआरआई बिलिंग शुरू हुई तो कई तरह की गड़बड़ी सामने आई। मुख्य अभियंता आशु कालिया ने बताया कि हैवी कनेक्शनों पर शिकायत सामने आई है। परीक्षण करवाया जा रहा है।