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बेटे ने चार दिनों तक छुपाया था शव: सेवानिवृत्त प्रिंसिपल का पोस्टमार्टम न कराने की लापरवाही की जांच शुरू

Thu, 15 Dec 2022 12:42 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।

सार

निखिल मिश्रा 2007 में गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर पांच रुपये के लिए हुई हत्या के मामले में जेल गया था। आठ माह बाद जमानत बाहर आया था। बताया जाता है कि इस मामले के बाद उस पर मां ने निगरानी बढ़ा दी थी। रिश्तेदार निखिल से किसी को भी बात नहीं करने दे रहे हैं।
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गोरखपुर समाचार। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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गोरखपुर जिले के गुलरिहा के शिवपुर शहबाजगंज में चार दिन तक मां के शव को छिपाकर रखने के मामले में पुलिस की ओर से पोस्टमार्टम न कराए जाने की जांच एसपी नार्थ ने शुरू कर दी है। एसपी ने गुलरिहा थानेदार, हल्का दरोगा का बयान लिया है। बुधवार को एएसपी ने मृतक सेवानिवृत्त प्रिंसिपल शांती देवी (82) के घर जाकर भी पूछताछ की।

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उधर, शांती देवी के बेटे निखिल की पत्नी, बेटों ने एसपी नार्थ से बुधवार को मुलाकात की। सभी ने बुजुर्ग की मौत को स्वाभाविक बताते हुए कार्रवाई न करने की दलील दी। बताया कि बेटे ने ही मां को मुखाग्नि दी थी।

जानकारी के मुताबिक, कुशीनगर के मूल निवासी स्व. रामदुलारे मिश्रा की पत्नी व एडी कॉलेज से सेवानिवृत्त प्रिंसिपल शांती देवी का शव मंगलवार को पुलिस ने बरामद किया था। जांच में सामने आया था कि चार दिन पहले ही उनकी मौत हो गई थी और बेटा निखिल शव को छिपाए था। दुर्गंध आने पर अगरबत्ती व धूपबत्ती जला दिया करता था।
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पुलिस ने शव का बिना पोस्टमार्टम कराए ही भतीजे को सुपुर्द कर दिया था। इस वजह से मौत की असल वजह सामने ही नहीं आ पाई। उधर, बुधवार को दिन में बारह बजे एएसपी और गुलरिहा एसओ निखिल मिश्रा के घर पहुंचे और पूछताछ कर जानकारी हासिल की। सुबह निखिल मिश्रा के ससुर केपी मिश्रा अपनी बेटी और नतिनी के साथ घर पहुंचे और चार मजदूर लेकर पूरे घर की सफाई और फिनायल से धुलाई कराया। निखिल ने भी घर की सफाई कराने मे पूरा सहयोग किया।

 

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निखिल मिश्रा की पादरी बाजार में थी करोड़ों की जमीन

निखिल मिश्रा की पादरी बाजार में करोड़ों की जमीन थी। निखिल के दोस्त ने धोखे में लेकर जमीन अपने नाम रजिस्ट्री करा ली। बताया जाता है कि इसी जमीन को बेचकर पादरी बाजार निवासी एक शख्स ने विधानसभा का चुनाव भी लड़ा था। अपने साथ हुए धोखे की जानकारी होने के बाद से निखिल मानसिक रूप से तनाव में रहने लगा। उसके पिता राम दुलारे ने इलाज के लिए बाहर भेजा था। कुछ दिनों बाद घर पहुंचने पर उसने शराब पीना शुरू कर दिया।

हत्या में जेल जा चुका है निखिल
निखिल मिश्रा 2007 में गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर पांच रुपये के लिए हुई हत्या के मामले में जेल गया था। आठ माह बाद जमानत बाहर आया था। बताया जाता है कि इस मामले के बाद उस पर मां ने निगरानी बढ़ा दी थी। रिश्तेदार निखिल से किसी को भी बात नहीं करने दे रहे हैं। रिश्तेदारों का कहना है कि निखिल मानसिक रूप से विक्षिप्त है तथा शांति देवी की स्वाभाविक मृत्यु हुई है।

एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने कहा कि पुलिस ने पोस्टमार्टम क्यों नहीं कराया, इसकी जांच की जा रही है। जांच कर रिपोर्ट एसएसपी को सौंप दी जाएगी। परिजनों ने मुलाकात कर स्वाभाविक मौत की जानकारी दी है। 
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