गोरखपुर जिले के गुलरिहा के शिवपुर शहबाजगंज में चार दिन तक मां के शव को छिपाकर रखने के मामले में पुलिस की ओर से पोस्टमार्टम न कराए जाने की जांच एसपी नार्थ ने शुरू कर दी है। एसपी ने गुलरिहा थानेदार, हल्का दरोगा का बयान लिया है। बुधवार को एएसपी ने मृतक सेवानिवृत्त प्रिंसिपल शांती देवी (82) के घर जाकर भी पूछताछ की।
उधर, शांती देवी के बेटे निखिल की पत्नी, बेटों ने एसपी नार्थ से बुधवार को मुलाकात की। सभी ने बुजुर्ग की मौत को स्वाभाविक बताते हुए कार्रवाई न करने की दलील दी। बताया कि बेटे ने ही मां को मुखाग्नि दी थी।
जानकारी के मुताबिक, कुशीनगर के मूल निवासी स्व. रामदुलारे मिश्रा की पत्नी व एडी कॉलेज से सेवानिवृत्त प्रिंसिपल शांती देवी का शव मंगलवार को पुलिस ने बरामद किया था। जांच में सामने आया था कि चार दिन पहले ही उनकी मौत हो गई थी और बेटा निखिल शव को छिपाए था। दुर्गंध आने पर अगरबत्ती व धूपबत्ती जला दिया करता था।
पुलिस ने शव का बिना पोस्टमार्टम कराए ही भतीजे को सुपुर्द कर दिया था। इस वजह से मौत की असल वजह सामने ही नहीं आ पाई। उधर, बुधवार को दिन में बारह बजे एएसपी और गुलरिहा एसओ निखिल मिश्रा के घर पहुंचे और पूछताछ कर जानकारी हासिल की। सुबह निखिल मिश्रा के ससुर केपी मिश्रा अपनी बेटी और नतिनी के साथ घर पहुंचे और चार मजदूर लेकर पूरे घर की सफाई और फिनायल से धुलाई कराया। निखिल ने भी घर की सफाई कराने मे पूरा सहयोग किया।