केस दर्ज करने वाली पुलिस ने भी इस मामले में अब तक कोई खास जांच नहीं की है। जांच अधिकारी गुलरिहा थाने के सब इंस्पेक्टर पंकज कुमार सिंह का कहना है कि हमने मेडिकल कॉलेज प्रशासन से तीन बार जूनियर डॉक्टरों की सूची मांगी, लेकिन वहां से कोई नाम नहीं मिल पाया है। अब मामले की जांच चल रही है। इससे पहले हुए एक अन्य मामले में जांच पूरी कर रिपोर्ट भेजी जा चुकी है।
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न्याय की आस में सीएम से मिल चुका है पीड़ित दंपती
डॉक्टरों की निर्मम पिटाई से घायल संदीप सिंह और घटना से आहत पत्नी अंकिता सिंह अपने एक रिश्तेदार के साथ गोरखनाथ मंदिर जाकर मुख्यमंत्री से भी मिल चुके हैं। जनता दरबार में पीड़ित पक्ष ने अपनी बात रखी तो मुख्यमंत्री ने भी न्याय का भरोसा दिलाया। हालांकि, अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से दंपती दुखी हैं। इनका कहना है कि इस मामले में एक डॉक्टर को निलंबित किए जाने की चर्चा हुई थी, लेकिन उसकी कोई लिखित जानकारी नहीं मिल पाई।
एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में हुई एक घटना के संबंध में केस दर्ज था, जिसकी विवेचना पूरी कर रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। दूसरे की विवेचना चल रही है। घटना के लिए जो भी दोषी होंगे, उनकी रिपोर्ट कोर्ट को भेजी जाएगी।