गीता वाटिका, गोपाल मंदिर, जलकल, पुलिस लाइन और जीआरपी के अलावा घरों में भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी धूमधाम से मनाई जाएगी। मनमोहक झांकियां सजाई जाएंगी। घरों और सार्वजनिक स्थलों पर मध्यरात्रि में भगवान कृष्ण के जन्म के बाद ...जय कन्हैया लाल की गूजेगा। प्रसाद वितरण से कार्यक्रम का समापन होगा।
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इस तरह करें व्रत-पूजन
ज्योतिर्विद पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन प्रात: काल स्नानादि के बाद पूजन-अर्चन कर व्रत का संकल्प लें। भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति या चित्र स्थापित कर झांकी सजाएं। इसके बाद विधि-विधान से पूजन करें। पूजन में देवकी, वासुदेव, बलदेव, नंद, यशोदा और लक्ष्मी इन सबका नाम क्रमश: लेना चाहिए। मध्य रात्रि 12 बजे जन्मोत्सव मनाएं। अंत में प्रसाद वितरण कर भजन-कीर्तन करते हुए रात्रि जागरण करें। दूसरे दिन सुबह स्नानादि पूजन-अर्चन कर ब्राह्मण को दान देकर व्रत का पारण करें।