दरअसल, दिवाली त्योहार को देखते हुए नेपाल और बैंकॉक से अवैध सोने की खपत बढ़ गई है। आयात- निर्यात शर्तों के अनुसार, बैंकॉक से पुरुष एक बार में एक लाख और महिलाएं ढाई लाख रुपये का सोना भारत में ला सकती हैं। धंधेबाजों ने इसका भी तोड़ निकाल लिया है। वे इन दिनों बैंकाक से एक साथ आने वाले पांच-छह लोगों को सेट कर लेते हैं। ऐसे में उन्हें पांच-छह लाख का सोना आराम से मिल जाता है।
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सूत्रों की मानें तो पिछले दिनों ऐसा ही एक खेप इन धंधेबाजों ने मंगाया था। ताज्जुब है कि बैंकॉक से साढे़ तीन से चार लाख रुपये का सोना खरीदा गया और इसे बिना रसीद-पर्ची के आसानी से गोरखपुर ला दिया गया। जांच एजेंसियों का कहना है कि त्योहारों पर इस अवैध धंधे ने तेजी जरूर पकड़ी है, लेकिन धंधेबाज सतर्क भी हैं। वे बड़ी कीमत की जगह फुटकर में अवैध सोने गोरखपुर के बाजारों में खपा रहे हैं।
ऐसा ही एक धंधेबाज बना बिचौलिया मंडी में जान-पहचान वाले फुटकर दुकानदारों के यहां सोना खपा रहा है। हर एक दिन के अंतराल पर नेपाल से एक से दो किलो अवैध सोना बाजार में लाता है और बिचौलिए के सहारे से छोटे दुकानों पर खपाकर दूसरे दिन उसे रुपये दे दिए जाते हैं। जैसे, उसने एक किलो अवैध सोना बाजार में उतारा तो 59 लाख रुपये मूल्य रख दिए। इसी दर पर अपने सोने को बिचौलिए को देता है। बिचौलिया बाजार में उसे खपाकर उसकी रकम दे देता हैं। इसमें यहां के फुटकर व्यापारी को एक लाख रुपये का फायदा पहुंचा तो बिचौलिए को एक दिन में ही दस हजार रुपये का।
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हिंदी बाजार में अवैध सोने की खरीद-बिक्री के धंधे में वाराणसी कनेक्शन की धमक फिर से तेज हो गई है। खबर है कि इस कनेक्शन ने अपने परिवार के सदस्यों के साथ अवैध सोने का धंधा फिर से शुरू कर दिया है। वहीं जमीन का धंधा करने वाला एक शख्स भी इन दिनों बुलियन सोने के धंधे में उतर गया है।
लाखों रुपये का सोना गायब, लेकिन मंडी बेपरवाह
हिंदी बाजार में बीते कई महीनों के दौरान बड़ी खेप में सोने की चोरी हो गई, लेकिन इसको लेकर कोई खास हलचल नहीं है। वजह यह बताई जा रही है कि कानूनी दांवपेच में फंसे तो अवैध सोने की वजह से किसी की भी गर्दन फंस सकती है, इसलिए मंडी के कई किरदार जानबूझकर शांत बने हुए हैं।
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कुछ दिन पहले एक व्यापारी का सवा दो किलो सोना बाजार से गायब हो गया था। मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद एक पक्ष की तरफ से मुख्यमंत्री तक से शिकायत की गई थी। लेकिन न तो सोना मिला और न ही इसके गायब होने की जांच हो सकी। ऐसे ही हाल्सीगंज चौराहे के पास से भी करीब एक किलो सोना गायब हो गया था।
गलाई के एक कर्मचारी पर करीब 700 ग्राम सोना लेकर गायब होने की चर्चा बाजार में उड़ी थी। बाजार के एक बड़े व्यापारी के यहां कर्मचारी पांच सौ ग्राम सोना लेकर गायब हो गया था। एक सप्ताह पहले फिर कुछ सोना गायब हो गया। लाखों- करोड़ों रुपयों का सोना गायब होने के बाद भी नेटवर्क ऐसा कि सभी बेफ्रिकी के साथ अपना धंधा कर रहे हैं।
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सोने-चांदी की खरीदारी करते हुए ग्राहक कुछ खास बातों का ध्यान रखें। जैसे, बिना हॉलमार्क वाले आभूषणों की खरीदारी न करें। जहां से आभूषण खरीदें, वहां कच्चे पर्चे पर बिल-रसीद की जगह जीएसटी नंबर वाले दुकान के पंजीकृत फर्म से बिल लें। अगर सोने के आभूषण में संदेह है तो सराफा भवन जाकर मंडल के पदाधिकारियों से संपर्क कर हॉलमार्किंग सेंटर का पता ले सकते हैं। यहां अपने सोने की जांच भी करवा सकते हैं।