अब जिंदगी हो गई आसान
मेहनत और लगन से उनकी मुफलिसी में पूंजी का अभाव भी आड़े नहीं आया। अब शिव पूजन दूध के ड्रम को ग्रामीण क्षेत्र से शहर तक आसानी से पहुंचाते हैं। कहते हैं कि पहले परिवार चलाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था लेकिन अब जिंदगी आसान हो गई है। दूध के व्यवसाय में काफी फायदा हो रहा है।
तीन महीने के श्रम से कर डाला कमाल, आई इतनी लागत
शिवपूजन ने बताया कि तीन पहिया वाहन बनाने में तीन महीने का समय लगा। जिसमें कबाड़ से लोहे का एंगल व ई-रिक्शा का मोटर और दो बैटरी का उपयोग करके इसे बनाया है। ये दिखने में बिल्कुल ओपन है। जिसमें कबाड़ से कार का रिम व टायर, ट्यूब को बाजार से खरीदकर लगाया गया है। जुगाड़ करने के बाद भी इसे तैयार करने में लगभग एक लाख तीस हजार रुपये की लागत आई। वाहन की बैटरी चार्ज करने के बाद लगभग 70 किलोमीटर की दूरी तय करती है। इस वाहन की क्षमता दो कुंतल भार वहन करने की है। इसमें गियर, क्लच, ब्रेक और कार के अन्य हिस्सों को कबाड़ से लेकर लगाया गया है।