असिस्टेंट प्रोफेसर के चयन का अंतिम आधार होगा साक्षात्कार
गोरखपुर। अब प्रदेश के सभी राज्य विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर चयन साक्षात्कार के आधार पर ही होगा। उससे पहले सभी प्रक्रियाएं स्क्रीनिंग मात्र तक ही सीमित होंगी। अब्दुल कलाम आजाद तकनीकी विश्वविद्यालय (एकेटीयू) की ओर से चयन प्रक्रिया के संबंध में उठाए गए सवाल पर राजभवन ने पत्र भेजकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। राजभवन के अपर मुख्य सचिव महेश गुप्ता के पत्र में कहा गया है कि चयन प्रक्रिया दो चरणों में संपन्न होगी। यह पत्र जारी तो एकेटीयू के कुलपति के लिए हुआ है लेकिन चयन की प्रक्रिया स्पष्ट करने के लिए उसकी प्रतियों को सभी राज्य विश्वविद्यालयों को भेजा गया है।
इसके मुताबिक पहले चरण में स्क्रीनिंग होगी और दूसरे चरण में साक्षात्कार होगा। स्क्रीनिंग की प्रक्रिया 140 अंक की होगी। इसमें 100 नंबर अकादमिक करियर के होंगे जबकि 40 अंकों के लिए लिखित परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। परीक्षा के बाद चयनित अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा। साक्षात्कार 30 अंक का होगा। इसमें से 20 अंक अध्यापन क्षमता और कंप्यूटर ज्ञान के आधार पर दिए जाएंगे जबकि 10 अंक के लिए अभ्यर्थियों को सीधे तौर पर साक्षात्कार बोर्ड का सामना करना होगा। यही 30 अंक अंतिम चयन का आधार बनेंगे।
शनिवार को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय और मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में भी यह पत्र पहुंचे हैं। दरअसल, दोनों ही विश्वविद्यालयों में इन दिनों नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। गोरखपुर विश्वविद्यालय में शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए जा चुके हैं जबकि प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में पद विज्ञापित करने की तैयारी हो रही है। अब तक अभ्यर्थी और विश्वविद्यालय प्रशासन सभी को यह पता था कि अंतिम चयन पहले और दूसरे चरण के अंक को मिलाकर किया जाएगा। एमएमएमयूटी के कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने बताया कि चयन प्रक्रिया को लेकर राजभवन की ओर से पत्र मिला है। निर्देश के मुताबिक ही चयन प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी।