गोरखपुर। न्यू मीडिया का दायरा अब व्यापक हो रहा है। इसका दायरा बढ़ने के साथ ही रोजगार की नई राहें भी खुल रही हैं। नेम और फेम के कारण न्यू मीडिया के बढ़ते क्रेज को देखते हुए दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने ''''इंस्टीट्यूट ऑफ मॉस कम्युनिकेशन'''' संचालित करने का निर्णय लिया है। इसके लिए 70 लाख रुपये से अत्याधुनिक लैब स्थापित की जाएगी। यह राशि आवंटित कर दी गई है।
डिजिटल शिक्षा, शोध, संचार एवं नवाचार के उद्देश्य से डीडीयू प्रशासन ने यह योजना बनाई है। इसके लिए खाका लगभग तैयार कर लिया गया है। यह इंस्टीट्यूट आधुनिक पत्रकारिता के विभिन्न स्वरूपों पर केंद्रित कई नए पाठ्यक्रमों को संचालित करने के साथ-साथ एक डिजिटल मीडिया लैब से सुसज्जित भी होगा। कुलपति प्रो. पूनम टंडन का मानना है कि यह पहल विश्वविद्यालय को डिजिटल शिक्षा और रिसर्च के क्षेत्र में एक मजबूत पहचान देगी।
यहां स्थापित होने वाली लैब छात्रों और शिक्षकों को वीडियो, पॉडकास्ट और ऑनलाइन कोर्स बनाने में मदद करेगी। नई लैब एनईपी-2020 के तहत पढ़ाई के आधुनिक तरीकों को भी बढ़ावा देगी। इससे न सिर्फ विश्वविद्यालय की पहचान बढ़ेगी बल्कि छात्रों को रोजगार के लिए जरूरी मीडिया और टेक्नोलॉजी के कौशल भी मिलेंगे। लैब में नई टेक्नोलॉजी जैसे वर्चुअल रियलिटी (एआर/वीआर) के साथ पढ़ाई करने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग करके कंटेंट बनाने की सुविधा भी होगी।
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लैब में ये होगा खास
- रिकॉर्डिंग स्टूडियो : यहां लेक्चर, इंटरव्यू और वेबिनार रिकॉर्ड किए जा सकेंगे।
- वॉयस रिकॉर्डिंग : अच्छी क्वालिटी की वॉयस ओवर रिकॉर्ड के लिए बूथ।
- एडिटिंग रूम : पेशेवर तरीके से वीडियो, ऑडियो व ग्राफिक्स एडिट करने की सुविधा।
- ग्रीन स्क्रीन : खास वर्चुअल बैकग्राउंड के साथ वीडियो बनाने के लिए।
- ऑनलाइन शिक्षण केंद्र : मूक और स्वयं जैसे ऑनलाइन कोर्स बनाने की सुविधा।
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वर्जनयह मीडिया लैब हमारे छात्रों को इंडस्ट्री के लिए तैयार करेगी। यहां उन्हें वर्तमान में प्रचलित मीडिया टूल्स पर काम करने का मौका मिलेगा। इससे हमारी शिक्षा की क्वालिटी बेहतर होगी और हमें नैक और एनआईआरएफ जैसी रैंकिंग में भी फायदा मिलेगा।
- प्रो पूनम टंडन, कुलपति, डीडीयू