बघौचघाट में पीड़िता के पैसे से फ्लाइट का टिकट करवाना दरोगा को महंगा पड़ गया। अमर उजाला में खबर छपने के बाद पुलिस अधीक्षक ने सीओ से मामले की जांच कराई। जांच में मामला सत्य पाए जाने के बाद एसपी ने कार्रवाई करते हुए दरोगा लक्ष्मी नारायण को निलंबित कर दिया है। वहीं, कांस्टेबल रूपेश यादव और महिला कांस्टेबल वंदना को हिदायत दी कि आगे से इस तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
एक गरीब महिला की बेटी को दो सप्ताह पहले एक युवक भगा ले गया। पुलिस को उसकी लोकेशन मुंबई में मिली। पुलिस ने महिला को बुलाकर मुंबई जाने के लिए फ्लाइट का टिकट कराने का दबाव बनाया। महिला ने अपना खेत बंधक रखकर दरोगा और एक सिपाही और एक महिला कांस्टेबल के लिए फ्लाइट का टिकट कराया। वहीं, वापस आने के ले लिए ट्रेन का टिकट कराया। दरोगा, एक सिपाही व एक महिला कांस्टेबल फ्लाइट से मुंबई गए। जाने के लिए महिला से खर्चा के लिए 6000 रुपये नकद लिए।
इसके बाद 17 जून को टिकट बना ट्रेन से महिला के खर्चे से यह लखनऊ गए। इसके बाद लखनउ से 18 जून को फ्लाइट से मुंबई पहुंच गए। 19 को जून को महिला के भेजे पैसे से ट्रेन का टिकट कराया और 21 जून को वापस आ गए। मुंबई जाने वालों में दरोगा लक्ष्मी नारायण, महिला कांटेबल वंदना यादव व सिपाही रूपेश यादव शामिल थे। इसकी शिकायत पीड़िता ने उच्चाधिकारियों से की। युवती को लाकर मेडिकल कराने व कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद मां को सौंप दिया।
इसके बाद अचानक से युवती फिर से गायब हो गई। दोबारा बेटी के गायब होने पर उसकी खोज के लिए पीड़िता रोज थाने का चक्कर लगा रही है। अब तक उसकी लड़की का पता नहीं चल सका है। इधर, थक-हारकर उसने सारी आपबीती उच्चाधिकारियों को सुनाई है। उसने बेटी को बरामद करते हुए टिकट बनवाने व खर्च के लिए पैसे लेने वालों पर कार्रवाई की मांग की है।
इसके बाद अमर उजाला ने इस खबर को प्रमुखता से अपने 26 जुलाई के अंक में बेटी की बरामदगी के लिए मां से पुलिस वालों ने बनवाया हवाई जहाज का टिकट शीर्षक से खबर प्रकाशित की। वहीं, 25 जुलाई को अमर उजाला ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस मामले का संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने इसकी जांच सीओ सदर संजय कुमार रेड्डी को दी।
25 जुलाई को देर शाम सीओ सदर बघौचघाट थाने पहुंचे और पीड़िता को बुलाकर बयान लिया। दरोगा से भी बात की। जांच में आरोप सही पाए गए। सीओ ने अपनी रिपोर्ट 26 जुलाई को पुलिस अधीक्षक के सामने रखी। जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस अधीक्षक ने दरोगा लक्ष्मी नारायण पांडेय को निलंबित कर दिया। वहीं, दोनों सिपाहियों को लापरवाही नहीं करने का आदेश दिया।