गोरखपुर शहर के कोतवाली इलाके में महिला अस्पताल की संविदा कर्मचारी शहाना की मौत मामले में जेल में बंद दरोगा राजेंद्र सिंह से पिछले तीन दिनों में कोई मिलने नहीं आया। अब उसे अपनों की याद सता रही है। उसने चिट्ठी लिखकर जेल प्रशासन को दी है, ताकि उसके घरवाले मिलने को आ सके। यहां तक की उसे जरूरी सामान तक देने के लिए घर से कोई नहीं आया और जेल प्रशासन ने कपड़े दिए थे।
जानकारी के मुताबिक, कोतवाली इलाके में किराए के मकान में रहने वाली शहाना की 15 अक्तूबर को फंदे से लटकी लाश मिली थी। बाद में परिजनों ने बताया कि दरोगा राजेंद्र सिंह के साथ वह रहती थी और उसने ही हत्या कर दी है। हालांकि, पुलिस ने दिए गए तहरीर के आधार पर राजेंद्र सिंह पर खुदकुशी को उकसाने का केस दर्ज किया था। इस मामले में राजेंद्र सिंह को 19 अक्तूबर को जेल भेज दिया गया था। तब से आज तक उनसे मिलने के लिए जेल में कोई नहीं आया है। अब जेल से ही राजेंद्र सिंह ने पत्र लिखकर घरवालों को बुलाया है, ताकि अपनी बात उनसे कह सके। अब उसे यह डर भी सताने लगा है कि कहीं घरवाले उसका केस ही नहीं लड़े तो फिर क्या होगा?
मां शहाना के लिए बिलख रहा मासूम, तबीयत खराब
शहाना की मौत के बाद उसका एक साल का बेटा अपनी नानी के पास है। पिछले चार दिनों से वह रातों में जैसे-तैसे सो रहा है। बिलखते-बिलखते मासूम की तबीयत खराब हो गई है। शहाना की मां ने बताया कि बच्चे को डॉक्टर से दिखाकर दवा लिया गया है, लेकिन वह रात में बहुत रो रहा है। बार-बार मां को बुलाता है, उसे किसी तरह से संभाला जा रहा है।
दोनों परिवार की मौजूदगी में खुलेगा ताला
जिस घर में शहाना की मौत हुई थी उस कमरे में सामान भी मौजूद है। शहाना के घरवालों का दावा है कि सभी सामान उसके ही है। जबकि, दरोगा की बाइक और अन्य सामान भी वहां पर होने की संभावना है, जिसे देखते हुए पुलिस ने वीडियोग्राफी के बीच दोनों परिवार की मौजूदगी में कमरे का ताला खुलवाने का फैसला किया है। जल्द ही दोनों परिवारों के आने पर कमरे का ताला खुलवाया जाएगा।