पिछले दिनों लिपुलेख और सीमा को लेकर भारत-नेपाल के रिश्तों में खटास आई थी। ड्रैगन की करीबी ओली सरकार ने तब भारत के खिलाफ रेडियो और टेलीविजन से दुष्प्रचार शुरू किया था। इसके जरिए उसकी मंशा नेपाली जनमानस में भारत विरोधी भावनाएं भड़काने की थी। तब वहां रेडियो और टेलीविजन पर भारत विरोधी गीत खूब बजाए गए।
हालांकि, इस बीच पूरे नेपाल में खुद ही सरकार विरोधी आंदोलन शुरू हो गया है। ऐसे में अब सरकार बैकफुट पर है और वहां फिर से भारतीय चैनलों का प्रसारण शुरू हो चुका है।
राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी के जिलाध्यक्ष अजय वर्मा ने कहा कि नेपाल में भारतीय मनोरंजक टीवी चैनल पसंद किए जाते हैं। सभी प्रदेश में नेपाली की अपेक्षा हिंदी चैनलों की बेहतर पैठ है। मधेश में तो भारतीय चैनलों की टीआरपी पहले पायदान पर रहती है। बात चाहे फिल्म की हो या फिर धारावाहिक की, यहां भारतीय चैनल सभी की जुबां पर रहते हैं।
डिश होम मीडिया नेपाल प्रबंधक निदेशक सुदीप आचार्य ने कहा कि 108 भारतीय चैनलों पर प्रतिबंध लगा था। जिसमें से 32 भारतीय चैनल गुरुवार से फिर से पूरे नेपाल में प्रसारित हुए हैं। नेपाल में भारतीय चैनलों के प्रसारण पर लगी रोक को नेपाल सरकार ने हटा लिया है।