लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा जैसे पड़ोसी देश नेपाल के अपने देश का हिस्सा होने का दावा करने के बाद खड़े हुए विवाद के बीच एडीजी जोन दावा शेरपा ने पहल की। दो देश के अफसरों ने मैत्री बैठक कर आपसी बातचीत कर सौहार्द बनाने की पहल की।
एडीजी ने भी सिद्धार्थनगर से जुड़ने वाली सीमा पर नेपाली अफसरों के साथ बातचीत की। जोन के तीनों रेंज के डीआईजी ने भी सीमा पर पहुंचकर नेपाल के पुलिस अधिकारियों ने गलतफहमी होने पर दोनों देशों के अधिकारियों में आपास में बातचीत करने पर सहमति बनी है।
जानकारी के मुताबिक, पिछले दिनों बिहार में सीतामढ़ी बॉर्डर पर हुए झड़प के बीच नेपाल पुलिस के जवानों ने गोली चला दी थी। इसमें एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई थी तथा कुछ लोग घायल हो गए थे। इस घटना को लेकर दोनों देशों के सीमाई इलाकों के नागरिकों में काफी असमंजस की स्थिति बनने लगी थी। अफवाहों को भी हवा मिलने लगी थी।
इसकी रिपोर्ट मिलने के बाद एडीजी जोन ने पड़ोसी देश के अधिकारियों के खुद साथ बैठक करने का निर्णय लिया तथा साथ ही जोन के तीनों रेंज के डआइजी और एससपी को पड़ोसी देश के सीमावर्ती जिलों के पुलिस अधिकारियों के साथ बातचीत करने का निर्देश दिया। बैठक में सबसे प्रमुख मुद्दा सीमाई इलाके में रहने वाले लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों के लिए एक देश से दूसरे देश में आवाजाही का था।
एडीजी जोन दावा शेरपा ने बताया कि नेपाल के पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक में काफी सार्थक बातचीत हुई है। दोनों देश के अधिकारियों ने पुराने संबंध को और मजबूत बनाने के लिए सहमति जताई है। भविष्य में इस तरह की बैठकें होती रहेंगी।