भारत-नेपाल के बीच अटूट रिश्तों की कहानी बयां करने के लिए पूर्वांचल ही काफी है, क्योंकि पूर्वांचल के करीब दर्जनभर जिले के लोगों का रिश्ता नेपाल से है। इन दिनों बदलते घटनाक्रम को लेकर सभी संशय में हैं। उन्हें डर है कि अगर दोनों देशों में तनाब बढ़ा तो समस्या बढ़ सकती है। लंबे अरसे से चल रहे रिश्तों की मिठास में खटास आ सकती है। सभी की नजर हर रोज भारत एवं नेपाल के राजनीतिज्ञों पर है। किसके द्वारा क्या पहल की जा रही है, इससे क्या फायदा होगा, इस पर लोग चर्चा कर रहे हैं।
नेपाल के रुपनदेही, नवलपरासी, काठमांडू, नरायनघाट, वीरगंज, तौलिहवा, कपिलवस्तु, भैरहवा, चोरमारा, दांग, घनघड़ी, नेपालगंज, महेन्द्रनगर, जनकपुर, मोरंग, सप्तसरी, भैरहवा, बुटवल आदि शहरों में रहने वाले लोगों का रिश्ता भारत के विभिन्न शहरों के लोगों से है। यहां के बेटे बेटियों की शादियां पूर्वांचल के अधिकांश जिलों में हुई हैं। बुटवल के संजय गुप्ता ने बताया कि शादी देवरिया शहर में हुई है।
अब तो डर लग रहा है कि हालात ऐसे ही रहे तो समस्या हो सकती है। वहीं पूर्वांचल के शहरों में महराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, सिद्धार्थनगर, बस्ती, बहराइच, गोंडा, गोरखपुर, देवरिया सहित अन्य जिलों के हजारों परिवारों की रिश्तेदारी नेपाल में है। महराजगंज जिले में पचास हजार से अधिक लोगों के रिश्तेदार नेपाल में रहते हैं। यही हाल सिद्धार्थनगर, बहराइच, कुशीनगर आदि जिलों का भी है। भैरहवां के रहने वाले सुधीर कलवार ने बताया कि एक बेटे की शादी सिसवां और दूसरे की गोरखपुर में हुई है।
राष्ट्रीय जनता पार्टी के रूपनदेही के जिलाध्यक्ष अजय वर्मा ने कहा कि नेपाल सरकार को मधेशियों के हित को ध्यान में रखते हुए गंभीरता के साथ विचार करना होगा। क्योंकि मधेशियों का रिश्ता भारत से बहुत पुराना है। समस्या का समाधान मिल बैठकर करने की जरूरत है। तनाव से सिर्फ नुकसान होगा।
सीमावर्ती क्षेत्र के गांवों की ज्यादा रिश्तेदारी
इंडो-नेपाल बार्डर के सीमाई कस्बा सोनौली, नौतनवां, कोल्हुई, बरगदवा, ठूठीबारी, निचलौल के साथ सिसवा, पनियरा, थाना क्षेत्र के लोगों की बड़ी संख्या में नेपाल में रिश्तेदारी है। नौतनवां के राजेश शाही ने बताया कि ससुराल भैरहवां में है। रवि श्रीवास्तव ने बताया कि बहन की शादी तौलिअहवां में हुई है। अब तो फोन से ही हालचाल लिया जा रहा है। भांजे के जन्म दिन पर नहीं जा सका, इसका मलाल है।
नगर पंचायत सोनौली के अध्यक्ष पति सुधीर त्रिपाठी ने कहा कि नेपाल के मधेश क्षेत्र में पूर्वांचल के अधिकांश जिलों के हजारों लोग काम करते हैं। तनाव बढ़ने से इस पर भी असर पडे़गा।