कहीं डेल्टा तो नहीं ले रहा जान
कोरोना की दूसरी लहर में डेल्टा वैरिएंट ने जबरदस्त तबाही मचाई थी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 500 से अधिक मरीजों की जान डेल्टा वैरिएंट ने ली थी। तीसरी लहर में ओमिक्रॉन के मामले सबसे अधिक आए। राहत की बात यह रही है कि इस बार मौतों का ग्राफ बेहद कम है, लेकिन इसका कारण पता नहीं चल पा रहा। जबकि, बीआरडी मेडिकल कॉलेज से लगातार जांच के लिए नमूने केजीएमयू भेजे जाते रहे, लेकिन रिपोर्ट नहीं मिली।
कोरोना के जिला नोडल अधिकारी डॉ. एके सिंह ने बताया कि, जिन संक्रमितों की मौत इस बार हुई है, उनके वैरिएंट की जानकारी नहीं मिल सकी है। लेकिन, शुरुआती जांच में जो बातें सामने आई हैं, उनके मुताबिक मौत की वजह उनकी गंभीर बीमारियां बनी।
सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे ने कहा कि तीसरी लहर में मरीजों की मौत बेहद कम हुई है, जिन मरीजों की मौत हुई है, उनमें सभी मरीजों को असाध्य बीमारियां थीं। इनमें 50 प्रतिशत से अधिक लोगों ने कोरोना का टीका भी नहीं लगवाया था।