झटपट योजना के तहत आवंटियों को बिजली कनेक्शन फार्म भरना होता है। दुर्बल आय वर्ग के लोगों को फार्म को ऑनलाइन भरने के लिए तीन सौ रुपये अतिरिक्त शुल्क देना होता है। कनेक्शन के बाद मीटर लगाने पर सौ से डेढ़ सौ और लाइन खींचने के इतने ही रुपये देने पड़ रहे। इस तरह एक आवंटी को 7720 रुपये के बाद भी 500 रुपये अधिक खर्च करने पड़ रहे हैं।
बोले आवंटी
एक सप्ताह पहले झटपट योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन किया था। सोमवार को 7720 रुपये का शुल्क जमा किया। निगम के जिम्मेदारों ने पांच दिन का समय मांगा है। आर्थिक तंगी होने की वजह से कनेक्शन शुल्क जमा करने में विलंब हो गया।- अतुल मोदनवाल, मानबेला
प्रीपेड मीटर के साथ बिजली कनेक्शन देने के लिए कहा गया था। पोस्ट पेड कनेक्शन 2200 रुपये में मिल जाता, लेकिन प्रीपेड कनेक्शन के लिए 7500 रुपये से अधिक देने पड़े। - जानकी देवी, मानबेला
ऐसे ले रहे शुल्क
लाइन चार्ज - 5444 रुपये
मीटर कास्ट - 872 रुपये
कुल - 6316 रुपये
जीएसटी- 9 प्रतिशत- 568 रुपये
एसजीएसटी - 9 प्रतिशत- 568 रुपये
कुल धनराशि- 7452 रुपये
पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी विद्याभूषण ने कहा कि सौभाग्य और दीनदयाल योजना फिलहाल बंद हो चुकी है। इसी योजना में कनेक्शन निशुल्क देने का प्रावधान था। यही कारण है कि मानबेला के आवंटियों को कनेक्शन लेने में शुल्क देना पड़ रहा। शासन की मंशा के अनुसार जरूरतमंदों को आर्थिक नुकसान न हो, इसलिए ओटीएस योजना चलाई जा रही है। अगर किसी आवंटी से कनेक्शन के अलावा अतिरिक्त शुल्क लिया जा रहा है, तो यह गलत है। संबंधित जिम्मेदार अपने स्तर से इस पर निगरानी करें और जरूरी हो तो कार्रवाई भी करें।