घटना के बाद घर पर जुटे गांव के लोग
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आहट पाकर धर्मात्मा दुबे पुत्र प्रेम प्रकाश दुबे टार्च जल कर घर से बाहर से आए और पशु तस्करों का विरोध करने लगे। उसी दौरान तस्कर ईंट-पत्थर चलाते हुए धर्मात्मा को घायल कर दिए। इसके बाद भी खुद को असुरक्षित समज तस्करों ने धर्मात्मा दुबे को लक्ष्य कर गोली चल दी, जो इनके पैर में लग गई।
हल्ला-हंगामा होता देख पशु तस्कर मौके से फरार हो गए। इधर, घायल धरात्मज दुबे को आनन-फानन में जिला अस्पताल ले गए, वहां से मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां इलाज चल रहा है। घायल धर्मात्मा दुबे के पिता प्रेम प्रकाश दुबे ने बताया देर रात पशु तस्कर हमारे दरवाजे पर गाय लादने के इरादे से रुके, तभी मेरा बड़ा बेटा धरात्मज दुबे मौके पर टार्च जलाकर बाहर निकल आया।
बदमाशों ने पहले ईंट पत्थर से हमला किया फिर गोली मार दी। घटना के बाद मैने 112 नंबर पर फोन कर घटना की जानकारी दी। इधर घटना के बाद गांव और चैराहे पर लोगो में दहशत में है। तस्करों के दुस्साहस से लोग भयभीत हो गए है।