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गोरखपुर: विवादों में आने के बाद आईएमए ने पनेशिया अस्पताल के संचालन से खड़े किए हाथ

Sun, 27 Sep 2020 01:01 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

  • अस्पताल संचालकों पर मरीजों से मोटी रकम लेने का लगा है आरोप
  • कमिश्नर और सीएमओ को पत्र लिखकर जांच की मांग
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पनेशिया हॉस्पिटल। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में कोरोना मरीजों से मोटी रकम वसूलने का आरोप लगने के बाद आईएमए ने पनेशिया अस्पताल का संचालन करने से मना कर दिया है। इसे लेकर सीएमओ और कमिश्नर को पत्र भी आईएमए की ओर से दिए गए हैं।  

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प्रशासन को दिए पत्र में आइएमए ने बताया है कि कोरोना संकट के कारण अस्पताल का संचालन शुरू किया गया था। इसी बीच आरोप लगा कि अस्पताल संचालन कर रहे लोगों ने शासन की ओर से निर्धारित रकम से ज्यादा रुपये वसूले। इसकी जांच की मांग पहले ही आईएमए कर चुका है। ऐसी स्थिति में प्रशासन इस अस्पताल का संचालन अपने स्तर से कराए। आईएमए का यह भी कहना है कि अब बीआरडी में कोविड के 300 बेड बढ़ गए हैं। ऐसी स्थिति में प्रशासन चाहे तो इस अस्पताल को बंद भी कर सकता है।
 
डॉक्टरों ने लगाया था आरोप
आईएमए ने पनेशिया अस्पताल का संचालन सिटी अस्पताल के निदेशक डॉ. एके मल्ल को सौंपा है। बताया जाता है कि इस अस्पताल में कुछ डॉक्टरों के परिजन भर्ती हुए। उनमें से दो की मौत हो गई। आरोप है कि संचालकों ने डॉक्टरों से भी मोटी रकम वसूली। इसे लेकर शहर के आधा दर्जन से अधिक वरिष्ठ डॉक्टर विरोध करने लगे। आईएमए की कार्यकारिणी पर सवाल खड़े किए। इसके बाद कार्यकारिणी ने सीएमओ से अस्पताल की वित्तीय जांच की मांग की थी।
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आईएमए अध्यक्ष डॉ. एससी कौशिक ने बताया कि शहर में जब संक्रमण बढ़ा तो प्रशासन की मांग पर आईएमए ने पनेशिया में कोरोना अस्पताल का संचालन किया। वित्तीय गड़बड़ी को लेकर कुछ आरोप लगे हैं। उसकी जांच की मांग सीएमओ से की गई है। 300 बेड का एक अस्पताल भी बीआरडी में शुरू हो गया है। अब कोविड अस्पताल की दरकार कम है। इस वजह से आईएमए ने अस्पताल बंद करने के लिए पत्र लिखा है।

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