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गोरखपुर: तमाशा बना आईएमए का चुनाव, एक सीनियर डॉक्टर की शह पर हो रहा खेल

Mon, 15 Nov 2021 10:03 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

आईएमए के चुनाव में भी यह पहला मौका है जब नाम वापस लेने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पर्चा दाखिल करने की तिथि में बदलाव किया गया है।
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IMA - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गोरखपुर जिले में डॉक्टरों के सबसे बड़े संगठन आईएमए, गोरखपुर (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) की कार्यकारिणी के चुनाव को तमाशा बना दिया गया है। नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब पर्चा दाखिल करने की तिथि 17 नवंबर तक बढ़ा दी गई है। इसके अलावा अध्यक्ष पद के जिन दो चिकित्सकों के नाम खारिज कर दिए गए थे, उनका पर्चा भी वैध कर दिया गया है।
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सामान्य तौर पर किसी चुनाव में ऐसा नहीं होता है। आईएमए के चुनाव में भी यह पहला मौका है जब नाम वापस लेने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पर्चा दाखिल करने की तिथि में बदलाव किया गया है। इसके बाद से आईएमए की चुनाव प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ गई है। इस मामले में जिम्मेदार कुछ भी कहने को तैयार नहीं है। अंदरखाने में चुनाव कमेटी को कोसा जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक, अध्यक्ष पद के लिए शाही ग्लोबल हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. शिवशंकर शाही ने सबसे पहले पर्चा दाखिल किया था। इसके बाद वर्तमान अध्यक्ष डॉ. मंगलेश, डॉ. आरए अग्रवाल और डॉ. वीरेंद्र गुप्ता ने पर्चा दाखिल किया। आईएमए की बैठकों में समुचित उपस्थिति न होने के आधार पर डॉ. आरए अग्रवाल और डॉ. वीरेंद्र गुप्ता का पर्चा अवैध करार दे दिया गया। लेकिन रविवार को इनके पर्चे यह कहकर वैध कर दिए गए कि महामारी के दौरान 50 प्रतिशत उपस्थिति का नियम सही नहीं है।
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 इसके बाद रविवार को ही अचानक नामांकन करने की तिथि में भी बदलाव कर दिया गया। अब 17 नवंबर तक कोई भी डॉक्टर किसी भी पद पर पर्चा दाखिल कर सकता है। आईएमए के मीडिया प्रभारी डॉ. अमित मिश्रा ने बताया कि आईएमए कार्यकारिणी की बैठक के बाद यह फैसला लिया गया है। इसके अलावा अध्यक्ष पद के दो उम्मीदवार डॉ. आरए अग्रवाल और डॉ. वीरेंद्र गुप्ता का पर्चा वैध कर दिया गया है। अब अध्यक्ष पद के चार प्रत्याशी मैदान में आ गए हैं।
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पहले 10 नवंबर थी पर्चा भरने की आखिरी तिथि

आईएमए के कार्यकारिणी का चुनाव पहले 14 नवंबर को होना था। लेकिन इसमें बदलाव कर दिया गया और तिथि 21 नवंबर तय कर दी गई। इस बीच पर्चा भरने की आखिरी तिथि 10 नवंबर थी। इसी दिन अध्यक्ष पद के दावेदार डॉ. आरए अग्रवाल और डॉ. वीरेंद्र गुप्ता के पर्चे भी अवैध करार दिए गए थे। इसके बाद अन्य पदों के लिए निर्विरोध नाम तय हो गए थे। लेकिन एक बार फिर तिथि बढ़ने से निर्विरोध चुनाव का मामला अटक गया है।

इन पदों पर तय हो गया था निर्विरोध निर्वाचन
उपाध्यक्ष (दो पद) डॉ. गगन गुप्ता, प्रो डॉ. अमित मिश्रा, संयुक्त सचिव (दो पद) डॉ. वाई सिंह, डॉ. शांतुन अग्रवाल, सांस्कृतिक सचिव डॉ. अंजू श्रीवास्तव, मीडिया प्रभारी डॉ. इमरान अख्तर, कोषाध्यक्ष डॉ. अजय शुक्ला, वैज्ञानिक सचिव डॉ. पीसी शाही। इसके अलावा आईएमए की ओर संचालित मंद बुद्धि बाल संस्थान का अध्यक्ष डॉ. पीएन श्रीवास्तव, सचिव डॉ. भारतेंदु जैन का बनना तय था। महिला विंग की अध्यक्ष के रूप में वर्तमान अध्यक्ष डॉ. दीप्ति चतुर्वेदी और वर्तमान सचिव डॉ. बबिता शुक्ला का नाम सामने आया है।

एक सीनियर डॉक्टर की शह पर हो रहा खेल
पर्चा दाखिल करने की तिथि बढ़ाने के मामले में एक सीनियर डॉक्टर का नाम सामने आया हैं। बताया जा रहा है कि वह एक गुट के डॉक्टर को अध्यक्ष बनाना चाह रहे हैं। चाहते हैं कि अध्यक्ष पद के लिए कई नाम सामने आएं, जिससे वोट बट जाएं और आसानी से उस प्रत्याशी को जीत दिला सकें। यही कारण है कि दबाव के बीच आईएमए की बैठक आनन-फानन में रविवार को की गई।
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