केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 10वीं-12वीं के परीक्षा परिणाम घोषित करने के बाद परीक्षार्थियों की मार्कशीट ऑनलाइन कर दी है। मगर इसके साथ ही मार्कशीटों में दिए गए ब्योरे में गलतियां भी सामने आने लगी हैं। जिसके बाद बोर्ड ने परीक्षार्थियों की समस्या का संज्ञान लेकर उन्हें बड़ी राहत दी है।
कोरोना संक्रमण को देखते हुए बोर्ड ने बच्चों को मार्कशीट में हुई गलतियों में संशोधन के लिए एक साल की मोहलत दी है। मार्कशीट में नाम, जन्म की तारीख अथवा किसी अन्य सुधार के लिए आवेदन किया जा सकता है। इसका आदेश गोरखपुर में बोर्ड से संचालित 103 स्कूलों में पहुंच गया है।
आदेश के मुताबिक जन्म की तारीख व नाम की गलतियों को सुधारने के लिए परीक्षार्थियों को एक साल का समय मिलेगा। इसके बाद के आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा। बोर्ड ने परीक्षार्थियों को मार्कशीट में सुधार के लिए दस्तावेज एवं शुल्क के साथ आवेदन करने को कहा है।
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मार्कशीट में गलतियों को परीक्षार्थी गंभीरता से नहीं लेते। प्रवेश अथवा पासपोर्ट आदि कोे लेकर परेशानी होने पर वे गलती सुधारने के लिए बोर्ड पहुंचते हैं। ऐसे में सालभर का समय व्यतीत होने के बाद संशोधन नहीं हो पाता। बोर्ड ने इसको लेकर छात्र-छात्राओं एवं अभिभावकों से मार्कशीट में किसी भी तरह की गलती को दुरुस्त करने के लिए एक साल के भीतर आवेदन करने का अनुरोध किया है।
आरपीएम ग्रुप ऑफ स्कूल्स के डायरेक्टर अजय शाही बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम जारी होने के बाद से मार्कशीट को ऑनलाइन बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। जिन विद्यार्थियों की मार्कशीट में त्रुटियां हैं वे इसे पूरे साल में कभी भी ठीक करा सकते हैं।