पानी की टंकी काटकर निकाला गया था शव।(फाइल फोटो)
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गोरखपुर शहर के गोरखनाथ थाना क्षेत्र के हुमायूंपुर स्थित एक घर में पानी की टंकी में मिले युवक के शव की ढाई माह बाद भी शिनाख्त नहीं हो पाई है। शिनाख्त के लिए डीएनए टेस्ट कराना था लेकिन वह भी अभी तक नहीं हो पाया। एडीजी ने इस पर नाराजगी जताते हुए टेस्ट कराकर रिपोर्ट जल्दी मंगाने और मामले का निस्तारण करने का निर्देश दिया है।
जानकारी के मुताबिक 27 अगस्त 2021 को गोरखनाथ थाना क्षेत्र के हुमायूंपुर मोहल्ले के नया टोला के रहने वाले कृषि विभाग के सेवानिवृत इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह के मकान की छत पर रखी गई एक हजार लीटर की पानी की टंकी में युवक का शव मिला था। युवक के हाथ पर विशाल नाम का गोदना था। शव के सड़ जाने के चलते शिनाख्त नहीं हो पाई थी।
जांच के दौरान पता चला कि घटना से करीब 500 मीटर की दूरी पर रहने वाला एक युवक 26 अगस्त से लापता है। उस युवक का भी नाम विशाल है। लापता युवक के भाई और मां ने शव को उनके विशाल का होने से इनकार किया था। उनका कहना था कि विशाल कद काठी से दुबला और सांवला था, जबकि जो शव मिला था उसका हुलिया अलग था। शव की पहचान न होने पर 72 घंटे पूरे होने के बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में चोट लगने की बात सामने नहीं आई। इससे पुलिस की मुश्किल और बढ़ गई। शव की शिनाख्त के लिए डीएनए टेस्ट कराने का निर्णय लिया गया था।
गुरुवार को एडीजी अखिल कुमार ने अचानक ही इस केस से संबंधित रिपोर्ट मांगी तब पता चला कि अभी तक डीएनए टेस्ट ही नहीं हुआ है। इस पर एडीजी ने एसपी सिटी से इस मामले में फोरेंसिक लैब के डायरेक्टर को पत्र लिखकर टेस्ट कर रिपोर्ट जल्दी मंगाने को कहा।
डीएनए रिपोर्ट पर ही टिकी है सारी उम्मीद
शव की पहचान को लेकर फंसा पेच जब तक नहीं सुलझ जाता, इस केस का भी निस्तारण नहीं होगा। इसी को ध्यान में रखते हुए पिछले दिनों इंस्पेक्टर गोरखनाथ ने फॉरेंसिक विभाग को पत्र भेजकर डीएनए रिपोर्ट जल्दी देने का आग्रह किया था। गुरुवार को एडीजी अखिल कुमार ने भी इसका संज्ञान लिया है।