केस-एक
गोरखनाथ क्षेत्र की एक महिला मोबाइल फोन पर मायके वालों से बात करती थी। इससे नाराज पति गाली गलौज करने लगा। सास भी बहू की बजाय बेटे का साथ देती हैं। विरोध करने पर नाराज पति ने मायके ले जाकर छोड़ दिया था। दोनों पक्ष को आमने-सामने बैठाकर काउंसिलिंग की गई।
केस-दो
नकहा नंबर एक की रहने वाली महिला का शराबी पति अक्सर पत्नी के साथ मारपीट करता है। बात-बात पर मायके भेजने की धमकी देता है। एक महीने से मायके में रही महिला ने पुलिस से गुहार लगाई। परिवार परामर्श केंद्र में इस दंपती की भी काउंसिलिंग की गई।
केस-तीन
खजनी क्षेत्र की रहने वाली महिला की पति से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। नाराज पति ने मायके ले जाकर छोड़ दिया। काफी प्रयास के बाद भी पत्नी को ले जाने के लिए तैयार नहीं था। दोनों पक्ष को बुलाकर काउंसिलिंग की गई। अब यह दंपती भी एक साथ रहने को राजी है।
गोविवि के समाजशास्त्र विभाग के अध्यापक दीपेंद्र मोहन सिंह ने कहा कि परिवार के सदस्यों के बीच भावनात्मक लगाव कम हो रहा है। परिणाम स्वरूप लोग कुंठा के शिकार हो रहे हैं। पारिवारिक विवाद के मामलों की शुरुआत में अक्सर दोनों पक्ष आवेश में रहते हैं। आर्थिक व पारिवारिक तनाव के चलते लोग तेजी से नशे के आदी हो रहे हैं। इसके बढ़ते कुप्रभाव से ऐसे मामलों की संख्या में वृद्धि होना स्वाभाविक है।