गोरखपुर से आनंद विहार जाने वाली हमसफर एक्सप्रेस में अब टॉयलेट (शौचालय) हवाई जहाज में मिलने वाली सुविधाओं के जैसा हो गया है। एनईआर की यह पहली ट्रेन है जिसमें बायो वैक्यूम हाइब्रिड टॉयलेट लगाया गया है। इससे ट्रेन में न तो गंदगी फैलेगी और न ही दुर्गंध। खास बात यह है कि यह हाइटेक टॉयलेट, गोरखपुर के यांत्रिक कारखाना में तैयार किया गया है।
दरअसल, रेलवे बोर्ड ने पायलेट प्रोजेक्ट के तहत 160 टॉयलेट की डिमांड पूर्वोत्तर रेलवे को भेजी थी। फिलहाल गोरखपुर से आनंद विहार के बीच चलने वाली हमसफर एक्सप्रेस के 40 कोचों में वेस्टर्न स्टाइल के टॉयलेट लगाए गए हैं। प्रयोग सफल रहा तो भारतीय रेल की अन्य ट्रेनों में भी इसे लगाया जाएगा। रेलवे प्रशासन अब यात्रियों से भी नई व्यवस्था पर फीड बैक लेगा जिसे रेलवे बोर्ड को भेजा जाएगा।
अभी तक जो शौचालय हैं उनके भर जाने और दुर्गंध के चलते यात्रियों को दिक्कत होती है। लेकिन नई व्यवस्था से अब यह दिक्कत नहीं होगी। वैक्यूम हाइब्रिड टॉयलेट लगने से स्टेशन और पटरियों पर गंदगी नहीं फैलती है।