-जेल में बंद रहते हुए विकास सिन्हा पर लक्जरी कार बेचने का लगा था आरोप
- पीड़ित की पत्नी की शिकायत पर एसएसपी ने सीओ गीडा को सौंपी जांच
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। गैंगस्टर विकास सिन्हा के खिलाफ जेल में बंद रहते हुए लक्जरी गाड़ी बेचने की शिकायत की जांच सीओ गीडा करेंगे। इस बारे में आरटीओ से भी जानकारी मांगी गई है। अभी तक की जांच में पता चला है कि जिस तारीख में गाड़ी को बेचा गया है, उस दिन जेल में उससे मिलने के लिए कोई गया ही नहीं है, और बिना हस्ताक्षर बेचने का दूसरा रास्ता मोबाइल पर आने वाली ओटीपी है, जो जेल में संभव नहीं है। अब इस पूरी जांच में आरटीओ भी सवालों के घेरे में है।
बताया जा रहा है कि हाॅस्पिटल संचालक विकास सिन्हा को पुलिस ने जालसाजी और रंगदारी मांगने के आरोप में अक्टूबर 2023 में गिरफ्तार किया था। उसने आठ लोगों से 63 लाख रुपये हड़प लिए थे। पीड़ित इम्तियाज की पत्नी शैबा ने उसके खिलाफ केस दर्ज कराया था। जेल जाते ही इस शातिर ने भांप लिया था, कि पुलिस अब उसकी संपत्ति जब्त कर सकती है। जेल जाने के बाद भी उसकी जालसाजी बंद नहीं हुई। जेल में रहने के दौरान ही उसने अपनी फार्च्यूनर गाड़ी बेच दी।
पीड़ित की शिकायत पर शुरू हुई जांच
पीड़ित इम्तियाज की पत्नी शैबा ने इस मामले की शिकायत एसएसपी डाॅ. गौरव ग्रोवर से की है। एसएसपी ने मामले की जांच सीओ गीडा को सौंपी है। अब कई और तथ्य आने के बाद पुलिस की ओर से आरटीओ से जानकारी मांगी गई है।
जब्त होगी गैंगस्टर की संपत्ति, जुटा रहे ब्योरा
उधर, पुलिस दर्ज गैंगस्टर केस में जालसाज विकास सिन्हा की अपराध से अर्जित की गई संपत्ति का भी ब्योरा जुटा रही है। ताकि, आरोपी की संपत्ति को जब्त करने की कार्रवाई की जा सके। पुलिस ने राजस्व विभाग से विकास सिन्हा के नाम पर दर्ज संपत्ति का ब्योरा मांगा है।
वर्जन
पूरे प्रकरण की जांच सीओ गीडा कर रहे हैं। जांच व साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. गौरव ग्रोवर, एसएसपी