- मरीज, उनके अभिभावक और चिकित्साकर्मी हर समय मॉस्क का प्रयोग करें।
- दो गज की शारीरिक दूरी का पालन करें।
- सैनिटाइजर अनिवार्य रूप से किया जाए।
- अस्पताल के साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए।
- अस्पताल को दिन में दो बार सैनिटाइज किया जाए।
- रोगियों के साथ आ रहे अभिभावकों की संख्या सीमित रखी जाए।
- चिकित्सालयों में ऐसे स्थान भी बनाए जाएं, जहां कोरोना के संभावित मरीज को अलग किया जा सके।
सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में कोविड व्यवहार की निगरानी संबंधित क्षेत्रीय अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी और वहां के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी करेंगे। जिले के सभी निजी अस्पतालों की भी निगरानी की जाएगी। इसकी जिम्मेदारी एसीएमओ डॉ. नीरज कुमार पांडेय और निगरानी टीम को सौंपी गई है। लापरवाही करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।