होम आइसोलेट के आदेश के बाद दो दिनों के अंदर 145 लोग आइसोलेट हुए हैं। इसके अलावा लेवल-वन में भर्ती मरीज भी अब अपने घर पर आइसोलेट होना चाह रहा है। क्योंकि लेवल-वन के अस्पतालों में बेहतर सुविधा नहीं मिल पा रही है। लेकिन विभाग इन्हें घर जाने की सलाह नहीं दे रहा है। नियम से इन्हें कम से कम 10 दिन तक अस्पताल में रहना पड़ेगा।
होम आइसोलेट हो चुके अलक्षणिक मरीजों को स्वास्थ्य विभाग फोन कर उनके सेहत की जानकारी ले रहा हैं। साथ ही सलाह दे रहा है कि अगर जरा भी दिक्कत होती है तो तत्काल 108 एंबुलेंस को फोन करें। इसके अलावा अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर को कॉल करके तबीयत खराब होने की जानकारी दें।
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कोरोना के सर्विलांस अधिकारी डॉ एनके पांडेय ने कहा कि जांच में तेजी की वजह से अलक्षणिक मरीज मिले रहे हैं। दो दिनों के अंदर 145 मरीज होम आइसोलेट हुए है। इन मरीजों से शपथ पत्र भराया गया है। फोन पर मरीजों के स्वास्थ्य की जानकारी भी ली जा रही है।