रंगोत्सव यानी होली का त्योहार इस बार अंग्रेजी कैलेंडर के मुताबिक, 18 को और हिन्दू पंचागों के हिसाब से 19 मार्च को है। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार, 17 मार्च को होलिका दहन व 18 मार्च को होली मनाई जाएगी। इसी दिन कार्यालयों में होली की छुट्टी भी रहेगी।
वहीं, अगर बात करें हिंदू पंचांगों की तो होली चैत्र मास कृष्ण पक्ष सूर्योदय व्यापिनी प्रतिपदा में मनाई जाती है, जो 19 मार्च को है। इस दिन प्रतिपदा दिन में 12 बजकर 13 मिनट तक है। ऐसे में हिंदू पंचांगों के अनुसार, होली मनाने के लिए 19 मार्च का दिन ही प्रशस्त माना जाएगा।
पंडित शरद चंद्र मिश्र और पंडित जोखन पांडेय शास्त्री के अनुसार, 17 मार्च को सूर्योदय छह बजकर तीन मिनट पर और चतुर्दशी तिथि का मान दिन में एक बजकर दो मिनट तक पश्चात संपूर्ण दिन और रात्रि पर्यंत पूर्णिमा है। यह पूर्णिमा दूसरे दिन 18 मार्च को दिन में 12 बजकर 52 मिनट तक है। 17 मार्च को दोपहर एक बजकर दो मिनट से रात 12 बजकर 57 मिनट तक भद्रा भी है। पूर्णिमा तिथि के पूर्वार्द्ध में भद्रा का निवास होता है।
होलिका दहन के विषय में कहा गया है कि होलिका दहन, भद्रा रहित पूर्णिमा की रात में ही किया जाए। दिन में चतुर्दशी या प्रतिपदा में होलिका दहन निषेध है। इसलिए इस वर्ष होलिका दहन 17 मार्च की रात्रि 12 बजकर 57 मिनट के बाद और 18 मार्च को सूर्योदय (छह बजकर दो मिनट) से पूर्व ही मान्य रहेगा। बताया कि सूर्योदय के समय प्रतिपदा तिथि का मान नहीं होने से होली 19 मार्च को ही मनाई जाएगी।