अभियोजन अधिकारी की आपत्ति की वजह से बेदाग बने कपिलमुनि यादव समेत पांच बदमाशों की हिस्ट्रीशीटर खोल दी गई है। एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर के आदेश पर रामगढ़ताल, शाहपुर व खोराबार पुलिस ने मंगलवार को यह कार्रवाई की। सभी के नए-पुराने आपराधिक इतिहास को देखते हुए पुलिस ने कार्रवाई की है।
जानकारी के मुताबिक, अभियोजन अधिकारी पर जब भ्रष्टाचार का केस दर्ज हुआ था, तब सामने आया था कि कपिलमुनि यादव की फाइल पर आपत्ति लगाकर उसे बचा लिया जा रहा था। तब एसएसपी ने जांच कर हिस्ट्रीशीट खोलने का आदेश दिया था।
इसके बाद एसएसपी डॉ. गौरव ने वर्तमान में सक्रिय अपराधियों पर नकेल कसने का आदेश दिया था। इसके बाद पुलिस ने रामगढ़ताल इलाके के कजाकपुर निवासी कपिलमुनि यादव, कांशीराम कॉलोनी निवासी विनय उर्फ प्रिंस दुबे, शाहपुर के घोषीपुरवा निवासी अजय कुमार गुप्ता, खोराबार के जंगल केवटालिया निवासी वीर बहादुर निषाद और यहीं के मोनू कुमार निषाद की हिस्ट्रीशीट खोल दी गई है।
इन पर दर्ज हैं इतने मुकदमे
- कपिलमुनि यादव : आठ मुकदमे दर्ज हैं। इसमें खोराबार में गैंगस्टर, रामगढ़ताल में धमकी, खोराबार में हत्या की कोशिश, बलवा, धमकी, खोराबार में ही बलवा, धमकी, आर्म्स एक्ट, हत्या व आपराधिक साजिश की धाराओं में केस दर्ज है।
- विनय उर्फ प्रिंस सिंह: 14 मुकदमे दर्ज हैं। इसमें कैंट में चोरी के दो, राजघाट में चोरी के तीन, आर्म्स एक्ट, जालसाजी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने, शाहपुर में भी चोरी के कई मुकदमे दर्ज हैं।
- अजय गुप्ता: पांच मुकदमे दर्ज। शाहपुर में चोरी के चार और एक गैंगस्टर।
- वीरबहादुर निषाद: 11 मुकदमे दर्ज हैं। खोराबार में चोरी के चार, रामगढ़ताल में चोरी के दो, बेलीपार में चोरी, हत्या की कोशिश, आर्म्स एक्ट, खोराबार में गैंगस्टर का केस दर्ज है।
- मोनू कुमार निषाद: 11 मुकदमे दर्ज हैं। खोराबार में चोरी के चार, रामगढ़ताल में चोरी के दो, बेलीपार में चोरी, हत्या की कोशिश, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर का केस दर्ज है।