दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में स्नातक विषम सेमेस्टर के दूसरे दिन इतिहास के पेपर में एक बड़ी चूक सामने आई। इसमें एक सवाल को हिंदी और अंग्रेजी में अलग-अलग पूछ गया। यह देखकर सभी विद्यार्थी हैरान रह गए। अब वे किस सवाल का जवाब दें इसी दुविधा में पड़ गए थे।
स्नातक की परीक्षा में बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जा रहे हैं। इसमें सवाल अंग्रेजी और हिंदी दोनों भाषाओं में आते हैं। दाेपहर 2 से 3:30 बजे की पाली में एचआईएस 202 की परीक्षा थी। इसके प्रश्न संख्या चार के अंग्रेजी वर्जन में पूछा गया कि लॉर्ड रिपन का गवर्नर जनरल के रूप में कार्यकाल कब से कब तक था? इसका जवाब 1880-1884 ई. होगा। जबकि इसी प्रश्न संख्या के हिंदी वर्जन में पूछा गया कि गवर्नर जनरल के रूप में लॉर्ड लिटन का कार्यकाल कब से कब तक था? इसका सही जबाब 1876-1880 ई. होगा।
अगर छात्र अंग्रेजी का प्रश्न पढ़कर जवाब देता है तो उसका सही उत्तर (बी) 1880-1884 ई. और यदि वह हिंदी पढ़कर करता है तो (ए) 1876-1880 ई. होगा। एक ही प्रश्न में दो अलग-अलग गवर्नर जनरल के बारे में सवाल आने से परीक्षार्थी असमंजस में पड़ गए क्योंकि दोनों सवालों में से वह किसका उत्तर दें समझ नहीं पा रहे थे।
उनका कहना था कि ओएमआर सीट पर एक ही उत्तर दिया जा सकता है। ऐसे में मूल्यांकन अंग्रेजी के आधार पर होगा या हिंदी के आधार पर यह समझ से परे हैं। नंबर कटने के डर से परीक्षार्थी उलझन में हैं।
परीक्षा नियंत्रक डॉ. कुलदीप सिंह ने कहा कि प्रश्न को लेकर अगर किसी तरह की असमंजस स्थिति है तो उसका निदान किया जाएगा। विद्यार्थियों के साथ पूरा न्याय होगा। हमारी कोशिश रहेगी कि प्रश्न की गड़बड़ी से किसी भी छात्र का उनका अंक प्रभावित न हो।