फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gorakhpur News: स्पाइनल ट्यूमर से सुमित्रा के पांव थे बेकार, एम्स में ऑपरेशन से मिला नया जीवन

Sat, 19 Aug 2023 10:56 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।

सार

डॉ. राहुल ने बताया कि लड़की के दोनों पैर काम नहीं कर रहे थे। जांच में स्पाइनल ट्यूमर की पुष्टि के बाद ऑपरेशन का निर्णय लिया गया। गोरखपुर एम्स में इस तरह का यह पहला ऑपरेशन था। ऑपरेशन सफल रहा और अब मरीज की हालत में तेजी से सुधार हो रहा है। उसे वॉकर के सहारे चलाया जा रहा है।
विज्ञापन
एम्स में स्पाइनल ट्यूमर के ऑपरेशन से ठीक हुई सुमित्रा का हाल जानते डॉ. राहुल गुप्ता । - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बिहार के नरकटियागंज के उदयराज की 22 वर्षीय बेटी सुमित्रा दो साल से चल नहीं पा रही थी। उदयराज ने यूपी और बिहार के कई बड़े अस्पतालों में इलाज कराया पर निराशा ही हाथ लगी। उन्हें बेटी की शादी की चिंता सताने लगी। एक दिन उन्होंने एम्स में बेटी को दिखाया। जांच के बाद स्पाइनल ट्यूमर निकला।

विज्ञापन


न्यूरो सर्जरी विभाग में सुमित्रा का सफल ऑपरेशन किया गया। अब उसकी सेहत में तेजी से सुधार हो रहा है। डॉक्टरों का दावा है कि जल्द ही सुमित्रा अपने पैरों पर न सिर्फ खड़ी हो सकेगी, बल्कि सामान्य लोगों की तरह चल फिर सकती है।

गोरखपुर एम्स में करीब 10 दिन पहले ही न्यूरो सर्जन के पद पर डॉ. राहुल गुप्ता की तैनाती हुई है। सप्ताह में तीन दिन ओपीडी व तीन दिन इमरजेंसी वार्ड में उनकी ड्यूटी लगती है। सप्ताह भर पहले उदयराज बेटी के इलाज के लिए एम्स आए।
विज्ञापन


इसे भी पढ़ें: 66 साल के बुजुर्ग ने किशोरी को बंधक बना किया दुष्कर्म, बिस्कुट खिलाने के बहाने ले गया था आरोप

डॉ. राहुल ने बताया कि लड़की के दोनों पैर काम नहीं कर रहे थे। जांच में स्पाइनल ट्यूमर की पुष्टि के बाद ऑपरेशन का निर्णय लिया गया। गोरखपुर एम्स में इस तरह का यह पहला ऑपरेशन था। ऑपरेशन सफल रहा और अब मरीज की हालत में तेजी से सुधार हो रहा है। उसे वॉकर के सहारे चलाया जा रहा है। जल्दी ही वह पूरी तरह से स्वस्थ होकर अपनी सामान्य दिनचर्या जी सकेगी। उदयराज ने एम्स के डॉक्टर व मेडिकल स्टॉफ के प्रति आभार जताया है।

नौ माह की बच्ची की भी बची थी जान

पिछले सप्ताह ही इस वार्ड में एक नौ माह की बच्ची लाई गई थी। परिजनों ने बताया कि बच्ची 11 फुट की ऊंचाई से गिर गई थी। सिर में गंभीर चोट की वजह से बच्ची न तो कुछ खा रही थी और न ही बोल रही थी। ऑपरेशन के बाद उसकी हालत में तेजी से सुधार आया और अब वह अपने घर जा चुकी है।

इसे भी पढ़ें: फर्जी कॉल सेंटर खोलकर ठगी करने वाले गैंग के 8 गिरफ्तार, यूके के बुजुर्गों से की तीन करोड़ की जालसाजी

नाक-कान-गला रोग विभाग में 1000 ऑपरेशन होने पर मना जश्न
एम्स के नाक-कान-गला रोग विभाग में अब तक 1000 मरीजों का ऑपरेशन हो चुका है। शुक्रवार को विभाग में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यकारी निदेशक डॉ. सुरेखा किशोर ने चिकित्सकों को बधाई देते हुए कहा कि आगे भी ऐसा अच्छा कार्य होते रहने से अधिक से अधिक लोगों को सहूलियत मिल सकेगी। इस दौरान डॉ. अशोक प्रसाद, डॉ. हरिशंकर जोशी, डॉ. विक्रम वर्धन, डॉ. अजय भारती, डॉ. पंखुरी मित्तल, डॉ. गौरव गुप्ता, डॉ. रुचिका अग्रवाल आदि मौजूद रहे।

इसे भी पढ़ें: खेत में मिला अधेड़ का खून से लथपथ शव, गला रेतकर हत्या की आशंका
 
विज्ञापन

एम्स में ये नई जांचें हुईं शुरू

- एंडोस्कोपिक कान की सर्जरी: एंडोस्कोपिक टाइम्पेनोप्लास्टी, स्टेपेडोटॉमी, मायरिंगोप्लास्टी
- कंजर्वेटिव लेरिन्जेक्टोमी
- एंडोस्कोपिक एडेनोइडक्टोमी
- एंडोस्कोपिक नाक ट्यूमर (जेएनए आदि) छांटना
- एंडोस्कोपिक ऑर्बिटल सर्जरी
- कॉस्मेटिक राइनोप्लास्टी
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें