गोरखपुर में बड़ों के टीकाकरण की रफ्तार बढ़ती जा रही है, लेकिन अब तक बच्चों को कोविड की वैक्सीन देने का संयोग नहीं बना। विभाग ने उम्मीद जताई है कि अक्तूबर में बच्चों के लिए भी वैक्सीन मिल सकती है। इस संबंध में विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी है। पहले चरण में बीमार बच्चों को टीका लगाया जाएगा। विभाग ऐसे बच्चों की सूची बनाएगा। सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने बताया कि आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व एएनएम की मदद से ऐसे बच्चों की सूची तैयार की जाएगी, जो किसी भी बीमारी से पीड़ित हैं। इन बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर कोविड का टीका लगाया जाएगा। बताया कि कई बच्चों में जन्मजात और असाध्य रोग मिलते हैं। इन्हीं को ध्यान में रखते हुए सूची तैयार कराई जाएगी।
जिले में 1474 बच्चे हो चुके हैं संक्रमित
कोरोना महामारी के दोनों लहरों में 10 साल तक के 1474 बच्चे संक्रमित हो चुके हैं। इनमें 65 बच्चे अति गंभीर हुए थे, जिन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराना पड़ा था। इनमें से 10 की मौत हुई है। पहली लहर में केवल तीन बच्चे भर्ती हुए थे। सभी स्वस्थ्य होकर घर चले गए थे, लेकिन दूसरी लहर में ज्यादा बच्चे बीमार हुए। वहीं विशेषज्ञों ने तीसरी लहर को बच्चों के लिए ज्यादा खतरनाक बताया है।
0 से 18 साल के 18 लाख बच्चे
जिले में 0 से लेकर 18 साल के करीब 18 लाख बच्चे हैं। बताया जा रहा है कि पहले चरण में दो वर्ष से लेकर 17 वर्ष के बच्चों को कोविड का टीका लगाया जाएगा। बच्चों के लिए तीन अलग-अलग कंपनियों की वैक्सीन पर काम चल रहा है। तीनों कंपनियों का बच्चों पर ट्रॉयल भी हो चुका है। ऐसे में वैक्सीन जल्द मिलने की संभावना बन गई है, मगर कौन से वैक्सीन मिलेगी यह अभी तक तय नहीं है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एनके पांडेय ने बताया कि आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और एएनम के जरिये बीमार बच्चों की सूची बनाने का काम जल्द ही शुरू किया जाएगा। विभाग की तैयारी पूरी हो चुकी है। शासन से दिशा-निर्देश के बाद बच्चों का कोविड टीकाकरण शुरू कर दिया जाएगा। उम्मीद जताई जा रही है, अक्तूबर में बच्चों की वैक्सीन मिल जाए।