फिर सरयू नदी के घाट पर पहुंच कर नदी उस पार जाने के लिए स्टीमर बुक किया। स्टीमर वाले ने प्रति व्यक्ति डेढ़ सौ रुपये लेकर नदी पार कराया। दोहरीघाट पहुंच कर वह दूसरे वाहन से बहन के घर पहुंचे और रश्मो-रिवाज को निभाया।
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पांच किमी की दूरी तय करने में लग गए पांच घंटे
बड़हलगंज क्षेत्र के चौतीसा गांव के रजत शाही की बरात शनिवार को आजमगढ़ जिले में गई थी। बरात जाम में न फंसे इसके लिए दोपहर में ही निकल गई। बरात में शामिल गांव के संजीव शाही उर्फ गब्बर ने बताया कि वह बरात कर रात में करीब एक बजे दोहरीघाट से पहले पेट्रोल पंप के पास से जाम में फंस गए। जाम इतना भीषण था की सुबह पांच बजे पुल तक पहुंचे। एक घंटे में पुल पार करने के बाद गाड़ी छोड़ कर पैदल ही गांव के लिए निकल पड़े।