वर्ष 2023 के नगर निकाय चुनाव में महिला आरक्षित इस वार्ड से चंद्रशेखर सिंह ने अपनी मां ज्ञानती देवी को भाजपा प्रत्याशी बनाया था। चुनाव ज्ञानती देवी जीत गईं। जिसके बाद अर्चना शुक्ला ने उनके निर्वाचन को चुनौती देते हुए चुनाव याचिका दाखिल की थी।
गोरखपुर नगर निगम के पूर्व उपसभापति एवं पूर्व पार्षद चंद्रशेखर सिंह के परिवार को बड़ा झटका लगा है। शाहपुर वार्ड संख्या-43 से भाजपा के टिकट पर निर्वाचित उनकी मां ज्ञानती देवी का नामांकन और निर्वाचन एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट ने निरस्त कर दिया है। अदालत ने माना कि नामांकन के साथ दाखिल शपथ पत्र में महत्वपूर्ण तथ्यों का खुलासा नहीं किया गया था। आदेश की प्रति जिला निर्वाचन अधिकारी (जिलाधिकारी) को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दी गई है।
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वर्ष 2023 के नगर निकाय चुनाव में महिला आरक्षित इस वार्ड से चंद्रशेखर सिंह ने अपनी मां ज्ञानती देवी को भाजपा प्रत्याशी बनाया था। चुनाव ज्ञानती देवी जीत गईं। जिसके बाद अर्चना शुक्ला ने उनके निर्वाचन को चुनौती देते हुए चुनाव याचिका दाखिल की थी।
याचिका में आरोप लगाया गया कि नामांकन के दौरान प्रत्याशी ने कई महत्वपूर्ण तथ्य छिपाए। इनमें भाजपा के चुनाव चिह्न से जुड़े दस्तावेज, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास, तीन हजार वर्ग फीट से अधिक भूमि की खरीद तथा देवरिया के बरहज में 2021 में प्रधान पद का चुनाव लड़ने और वहां मतदाता सूची में नाम दर्ज होने जैसी जानकारियां शामिल थीं।
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दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद एडीजे सुदेश कुमार की अदालत ने उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम की धारा 71 के तहत ज्ञानती देवी का नामांकन और निर्वाचन अवैध एवं शून्य घोषित कर दिया।