तमिलनाडु के हेलीकॉप्टर हादसे में 14 लोगों में से एकलौते जीवित बचे ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह का पूर्वांचल से गहरा नाता है। देवरिया उनकी जन्मभूमि तो गोरखपुर कर्मभूमि रही है। वह गोरखपुर में बतौर फाइटर पायलट जगुआर के स्क्वाड्रन में तैनात रहे। चार माह पहले वरुण सिंह राष्ट्रपति के हाथों शौर्य चक्र से सम्मानित हो चुके हैं। हादसे की खबर मिलने के बाद से ही सभी, अपने जांबाज लाल के शीघ्र स्वस्थ और दीर्घायु होने की प्रार्थना कर रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, वरुण सिंह देवरिया के कन्हौली गांव के रहने वाले हैं। वह मूलरूप से फाइटर पायलट हैं। साल 2007 से 2009 तक उनकी गोरखपुर में पोस्टिंग रही है। वह जगुआर फाइटर प्लेन उड़ाते रहे हैं। गोरखपुर से उनका हैदराबाद तबादला हुआ था। इन दिनों तमिलनाडु के वेलिंगटन में तैनाती है। वेलिंगटन स्थित डिफेंस एकेडमी के कार्यक्रम में सीडीएस रावत को हिस्सा लेना था, कैप्टन उनके साथ जा रहे थे, लेकिन पहले ही हादसा हो गया।
पूर्व विधायक अखिलेश प्रताप सिंह के भतीजे हैं
ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह, कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता व पूर्व विधायक अखिलेश प्रताप सिंह के भतीजे हैं। 12 अक्तूबर 2020 को फ्लाइंग कंट्रोल सिस्टम खराब होने के बावजूद, वरुण ने करीब दस हजार फीट की ऊंचाई से विमान की सफल लैंडिंग कराई थी। इसके लिए 15 अगस्त को राष्ट्रपति ने उन्हें शौर्य चक्र से सम्मानित किया था। वरुण के चाचा अखिलेश प्रताप सिंह ने कहा कि सेना के अधिकारियों द्वारा हादसे में वरुण के घायल होने की सूचना मिली है। ईश्वर से उनके जल्द ठीक होने की कामना की जा रही है।